आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों से घिरे मेयर सुनील उनियाल गामा बुधवार को खुलकर सामने आए। कहा कि उन्होंने पान का खोखा चलाया, चाऊमीन बेची, वीडियोग्राफी का काम किया, वीडियो लाइब्रेरी चलाई और ठेकेदारी भी की। तब जाकर संपत्ति जोड़ी और उन्हें बेचकर अब इतनी संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया।
मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि वह 18 साल की उम्र से मेहनत कर रहे हैं। वह बी श्रेणी के ठेकेदार रहे। काफी मेहनत के बाद उन्होंने कुछ संपत्तियां खरीदीं। इसका जिक्र उन्होंने वर्ष 2017 में अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी किया था। उन्होंने ढाई करोड़ तक की संपत्तियां चुनावी घोषणा पत्र में दिखाई थी। अब पुरानी संपत्तियां बेचकर उन्होंने यह नई संपत्तियां जोड़ी हैं। उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत उनकी छवि को धूमिल किया जा रहा है। उन पर गलत आरोप लगाने वालों के खिलाफ वह विधिक कार्रवाई करेंगे। इसके लिए वह विधिक राय ले रहे हैं।
ये है पूरा मामला
बता दें कि आरटीआई एक्टिविस्ट व अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने मेयर पर लोक सेवक पद का दुरुप्रयोग करते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया था। आरोप था कि मेयर बनने के बाद उन्होंने पांच करोड़ 32 लाख रुपये की 11 संपत्तियां खरीदीं, जिनका बाजार मूल्य 20 करोड़ से अधिक है। आरटीआई एक्टिविस्ट के आरोपों के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने भी मेयर और सरकार से जवाब मांगा था।
दरबार साहिब से जमीन लीज पर बोले- 2012 में किया था आवेदन
मेयर पर पद का इस्तेमाल कर दरबार साहिब से जमीन लीज पर लेने के आरोप भी लगे हैं। इस पर मेयर ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2012 में दरबार साहिब में जमीन लीज पर देने के लिए आवेदन किया था। इसे मेयर बनने के बाद से जाेड़ा जाना गलत है। कहा कि श्री गुरु राम राय से जुड़ी संपत्तियाें का वाद कोर्ट में चल रहा है। उन्हें टैक्स जमा करने के लिए लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। मिलीभगत का आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि कई लोग कह रहे हैं कि मेयर गामा का पेट्रोल पंप है। उन्होंने साफ किया कि उनका कोई पेट्रोल पंप नहीं है।
एक करोड़ 25 लाख का लोन भी लिया है
मेयर गामा ने कहा कि उनके नाम पर कोई बैनामी संपत्ति नहीं है। उन्होंने सभी संपत्तियों का खुलासा इनकम टैक्स में किया है। जिनका वह टैक्स भी चुकाते हैं। कहा कि उन पर एक करोड़ 25 लाख का बैंक लोन भी है।