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चिंतन शिविर एवं डायलॉग ऑन विजन 2047: सीएम बोले, विकसित भारत के लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएगा उत्तराखंड का विजन

Fri, 23 Jan 2026 11:52 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

दो दिवसीय चिंतन शिविर एवं डायलाॅग ऑन विजन 2047 के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित किया।
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चिंतन शिविर में सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विस्तार
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में उत्तराखंड का विजन अहम भूमिका निभाएगा। 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प तभी साकार हो सकता है जब देश का प्रत्येक राज्य समान रूप से विकसित हो। इसके लिए उत्तराखंड को भी अपने संसाधनों, क्षमताओं व विशिष्टताओं के अनुरूप विकास की दीर्घकालिक दिशा तय करनी होगी।

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शुक्रवार को सिविल सर्विसेस इंस्टीट्यूट में दो दिवसीय चिंतन शिविर एवं डायलाॅग ऑन विजन 2047 के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित किया। कहा कि इस दो दिवसीय शिविर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ठोस, व्यवहारिक व समयबद्ध रणनीति तैयार की जाएगी।

प्रधानमंत्री के विकसित भारत का संकल्प किसी एक सरकार, किसी एक कार्यकाल या किसी एक योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि ये एक ऐसा व्यापक और दीर्घकालिक राष्ट्रीय दृष्टिकोण है।  
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प्रशासनिक तंत्र की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति निर्माण से लेकर उसके क्रियान्वयन व अंतिम सफलता तक प्रशासन की सक्रियता, संवेदनशीलता और दक्षता ही ये तय होती है। इसलिए इस विजन को साकार करने में प्रशासनिक तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए हमारे प्रशासन को तेजी और पारदर्शिता के साथ कार्य करना होगा। प्रत्येक नीति, निर्णय और योजना को लक्ष्य आधारित व जन केंद्रित दृष्टि से लागू करना होगा। हम विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का रोडमैप बना रहे हैं। जो केवल योजनाएं व नीतियां बनाने या लक्ष्य निर्धारित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। हमें यह भी देखना होगा कि हमारी योजनाओं व नीतियों से आम नागरिकों के जीवन में क्या बदलाव आएगा। इसके लिए किसानों की आय वृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, महिलाओं के लिए समान अवसर जैसे मानकों पर ध्यान देना होगा।

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टीम उत्तराखंड की तरह कार्य करें
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के नाते हमारे सामने कुछ विशेष चुनौतियां भी हैं लेकिन इन्हीं चुनौतियों के भीतर अनेकों अवसर छिपे हुए हैं। यदि हम अपनी नीतियों व योजनाओं को राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय आवश्यकताओं और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालें तो उत्तराखंड इकोनॉमी व इकोलॉजी के बीच संतुलन स्थापित कर देश में विकास को नई दिशा दे सकता है। इसके लिए हमें तय करना होगा कि वर्ष 2047 में हमारा राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, कृषि, ऊर्जा, तकनीक व सुशासन जैसे क्षेत्रों में किस स्तर तक पहुंचना चाहिए। विजन 2047 को साकार करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आगामी 25 वर्षों की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करनी होगी। हमें सोलो प्लेयर वाली मानसिकता से ऊपर उठकर निकलकर टीम उत्तराखंड के रूप में कार्य करना होगा।

विकसित उत्तराखंड की नींव
सीएम ने कहा, विकसित उत्तराखंड की नींव सुशासन, तकनीक, नवाचार, जन केंद्रित सतत व संतुलित विकास के तीन स्तंभों पर टिकी है। सुशासन का अर्थ केवल नियमों व प्रक्रियाओं का पालन करना नहीं, हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि हर निर्णय समय पर हो, हर योजना पारदर्शी हो व हर अधिकारी अपने दायित्व के प्रति जवाबदेह हो। हमें ई-गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा एनालिटिक्स समेत आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके शासन को और अधिक प्रभावी, तेज और पारदर्शी बनाना होगा। जनता का विश्वास प्रशासन की सबसे बड़ी पूंजी है और इसे बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। आपदा प्रबंधन को हमें विकास योजना का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।

निर्धारित करें आउटपुट और आउटकम
सीएम ने कहा, प्रत्येक योजना का स्पष्ट आउटपुट व आउटकम निर्धारित करना होगा। सिर्फ बजट खर्च हो जाना ही किसी योजना की सफलता का पैमाना नहीं है। अधिकारी अपने अपने दायित्वों को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी न समझें, इसे समाज सेवा व राष्ट्र निर्माण का अवसर मानकर निभाएं। कभी कभी देखने में आता है कि जनता की बात अनसुनी रह जाती है, कभी लालफीताशाही कार्यों में देरी लाती है ये स्थिति प्रशासन पर जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं।
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