रेवर बर्ड व माइरोटिव बर्ड सर्दी और गर्मी दोनों ही सीजन में उत्तराखंड में प्रवास करती हैं। प्रवास खत्म होने के बाद अधिकांश पक्षी वापस अपने क्षेत्र में लौट जाती है। कोटद्वार इन पक्षियों को देखने के लिए दक्षिणी राज्यों के ज्यादा पक्षी प्रेमी आते हैं। भारत में पक्षियों को करीब 1250 प्रजातियां हैं। जिसमें से उत्तराखंड में करीब 730 प्रजातियां हैं। पक्षी प्रेमियों के लिए उत्तराखंड में बर्ड वॉचिंग की काफी संभावनाएं है।
चाइनीज पौड हैरान के पहली बार उत्तराखंड के साथ ही लैंसडौन वन प्रभाग में दिखने की बात सामने आई है। इसकी पुष्टि की जा रही है। इसके अलावा शुक्रवार को रामनगर से भी एक टीम कोटद्वार आ रही है। यदि यह पक्षी कोटद्वार क्षेत्र में देखी गई है तो यह निश्चित ही क्षेत्र और प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।
- नवीन चंद्र पंत, डीएफओ लैंसडौन वन प्रभाग