उत्तराखंड में किच्छा के खुरपिया फार्म की चार हजार एकड़ जमीन पर चीन की एक कंपनी स्मार्ट सिटी बनाएगी।
राज्य सरकार चीन की इस कंपनी से संपर्क साधने में जुटी है, क्योंकि देहरादून में भी प्रस्तावित स्मार्ट सिटी का निर्माण चीन की ही कंपनी करेगी। राज्य सरकार स्मार्ट सिटी के लिए जमीन देगी, लेकिन इसका नियंत्रण अपने पास रखेगी।
देहरादून में सरकार कहां स्मार्ट सिटी बनाने जा रही है इसकी तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है। ऊधमसिंह नगर में जमीन की कोई दिक्कत नहीं होने के कारण जिलाधिकारी डॉ. पंकज पांडेय ने तत्काल यह सुझाव राज्य सरकार के समक्ष रखा। जमीन का इशारा किच्छा के पास खुरपिया फार्म में पड़ी चार हजार एकड़ भूमि की ओर किया तो सरकार ने भी उनके इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।
अब इसकी गतिविधियों ने तेजी पकड़ ली है। मुख्य सचिव से लेकर अपर सचिवों सहित सिडकुल के एमडी सहित तमाम अधिकारी जमीन का मौका मुआयना कर चुके हैं और पूरी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है। अब सरकार स्मार्ट सिटी के निर्माण के लिए विदेशों से संपर्क साधने लगी है। फिलहाल सबसे पहले चीन की एक बड़ी कंपनी से सरकार संपर्क कर रही है।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अक्टूबर में चीन की कंपनी प्रतिनिधिमंडल देहरादून आ रहा है। इस प्रतिनिधिमंडल की बातचीत मुख्यमंत्री हरीश रावत और मुख्य सचिव राकेश शर्मा सहित कई आला अफसरों के बीच होगी। वार्ता का उद्देश्य स्मार्ट सिटी के निर्माण को लेकर है।
जिलाधिकारी डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि जिस तरह से खुरपिया में स्मार्ट सिटी बनाने की योजना है, उसके लिए विदेशी कंपनियों से सरकार संपर्क कर रही है। फिलहाल सबसे पहले चीन की एक बड़ी कंपनी से बातचीत चल रही है क्योंकि देहरादून की प्रस्तावित स्मार्ट सिटी का निर्माण भी चीन की ही कंपनी को करना है।
केंद्र सरकार पांच साल में देगी 500 करोड़ रुपए
जिलाधिकारी डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि देहरादून में प्रस्तावित स्मार्ट सिटी के लिए केंद्र सरकार हर वर्ष 100 करोड़ रुपये देगी जो कि पांच वर्ष तक दिए जाएंगे। इस प्रकार 500 करोड़ रुपए केंद्र से मिलेंगे।
यह धनराशि शहर की सुंदरता आदि में खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में देहरादून के लिए तो केंद्र से यह धनराशि मंजूर हो गई है, दूसरे चरण में किच्छा स्थित खुरपिया फार्म में बनने वाली स्मार्ट सिटी के लिए भी राज्य सरकार प्रयास करेगी।
यह सुविधाएं होंगी स्मार्ट सिटी में
1. बिजली-पानी, सड़क, स्वीमिंग पूल, पब्लिक स्कूल और बेहतर अस्पताल
2. सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस थाना और दो-तीन पुलिस चौकियों की स्थापना
3. विशाल शहर के अंदर प्रवेश के लिए प्रदूषण रहित वाहनों की व्यवस्था
4. खिलाड़ियों के लिए शानदार खेल स्टेडियम की सुविधा
5. स्थानीय कलाकारों के लिए थियेटर और डांस एकेडमी
6. खरीदारी के लिए बड़े-बड़े मॉल, इलेक्ट्रानिक्स कंपनियों के बड़े शोरूम