देहरादून में प्रस्तावित स्मार्ट सिटी के लिए राज्य सरकार शुक्रवार को चीन के तोंगझी विश्वविद्यालय के साथ एमओयू साइन करने जा रही है।
हालांकि, अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि स्मार्ट सिटी में विवि की भूमिका क्या होगी? विवि को कभी मास्टर डेवलपर बताया जा रहा है तो कभी स्ट्रेटजिक इनवेस्टर। दूसरी ओर, प्रदेश सरकार यह भी दावा कर रही है कि विवि को 60 फीसदी हिस्सेदारी दी जाएगी।
राज्य सरकार का दावा है कि चीन की तोंगझी यूनिवर्सिटी दून में स्मार्ट सिटी के निर्माण में सहयोग करेगी। सरकार का दावा है कि शंघाई के लिंगेंग शहर का निर्माण तोंगझी विवि ने कराया है। एमडीडीए के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के हेड राजीव रंजन कहते हैं कि शंघाई तोंगझी अरबन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट और शंघाई अरबन प्लानिंग एंड डिजाइन रिसर्च इंस्टीट्यूट की वेबसाइट में कई शहरों के निर्माण में भूमिका इसका जिक्र है।
राज्य सरकार के अनुसार विवि मास्टर डेवलपर की भूमिका में रहेगा। विवि स्मार्ट सिटी के निर्माण के लिए स्ट्रेटजिक इनवेस्टर लेकर आएगा। शहर में 60 फीसदी की हिस्सेदारी तोंगझी विवि को दी जाएगी। हालांकि, विवि की भूमिका एमओयू के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
वेबसाइट पर नहीं है जानकारी
वेबसाइट पर विवि के बारे में जो जानकारी उपलब्ध है, उसमें उसके आर्किटेक्चर और अरबन डेवलपमेंट का कोई जिक्र नहीं है। विवि की वेबसाइट www.tongji.edu.en/english/index.php?classid=79 पर उनके कार्यों में इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। दूसरी ओर कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर एंड अरबन प्लानिंग तोंगझी यूनिवर्सिटी की वेबसाइट en.tongji-caup.org/about/introduction पर भी उनके किसी शहर निर्माण या कंसलटेंसी के संबंध में जानकारी नहीं है।
विश्वविद्यालय पूर्व में दुनियाभर के कई शहर बसा चुका है। शंघाई के पास लिंगेंग शहर बसाने के अलावा जॉर्जिया में भी शहर बसा रहे हैं। सब कुछ जांचने के बाद ही विवि से एमओयू किया जा रहा है।
- आर मीनाक्षी सुंदरम, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी