सीमा पर बढ़ रही चीनी सैनिकों की गतिविधियों के बीच भारतीय सुरक्षा बलों ने उत्तराखंड से लगी चीन सीमा के साथ नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर कर दी है। सशस्त्र सीमा बल ने नेपाल से घुसपैठ रोकने के लिए नाकाबंदी शुरू कर दी है।
लद्दाख से सटी चीन सीमा पर तनातनी को देखते हुए भारतीय सुरक्षा बलों ने मिलम से लिपुलेख तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के साथ नेपाल सीमा पर भी पहरा लगा दिया है। भारत-नेपाल की सीमा का विभाजन काली नदी करती है। दोनों देशों के बीच आवाजाही के लिए बनाए गए झूला पुल कोरोना संक्रमण को देखते हुए पांच माह से बंद हैं। कुछ स्थानों पर तार के जरिये नेपाल से अवैध रूप से आवागमन होता रहा है।
जब से भारत ने लिपुलेख तक सड़क पहुंचाई है नेपाल के तेवर बदल गए हैं और उसने भारतीय क्षेत्र लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी को अपने नक्शे में शामिल करने का दुस्साहस करने के साथ बार्डर आउट पोस्ट स्थापित कर सैन्य गतिविधियां बढ़ाई हैं।
इसे देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां नेपाल सीमा पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। सूत्रों के अनुसार सुरक्षा बलों के सैनिक नेपाल से होने वाली संभावित घुसपैठ को रोकने के लिए चौबीस घंटे पहरा दे रहे हैं। चीन सीमा पर लिपुलेख में फौज और आईटीबीपी के जवानों की तैनाती बढ़ाई जा रही है।
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तीसरे दिन भी भारतीय जेट फाइटर ने सीमा तक भरी उड़ान
पिथौरागढ़ जिले के लिपुलेख से लेकर मिलम तक सेना के जवान मुस्तैद हैं। इस सीमा पर सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवान चौबीस घंटे गश्त कर रहे हैं। साथ ही हवा से भी निगरानी की जा रही है। भारतीय सेना के जेट फाइटर विमान पिछले तीन दिनों से सीमा के निकट उड़ान भर रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी जेट फाइटर नजर आया।