एशिया के पहले ट्रांसबाउंड्री कैलास पवित्र भूक्षेत्र परियोजना में चीन बदनीयती दिखा रहा है। वह परियोजना की प्रक्रिया से हटकर निर्णय ले रहा है। इससे परियोजना में अटकाव आ रहा है। चीन ने अभी तक परियोजना के संबंध में अपने अधिकारियों की बैठक नहीं की है, जिससे प्रक्रिया जहां की तहां अटकी हुई है। चीन के रवैये और परियोजना के विभिन्न पहलुओं के संबंध में संस्थानों ने अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी है।
भारत, चीन और नेपाल के बीच चल रही कैलास पवित्र भूक्षेत्र परियोजना के दूसरे चरण की प्रक्रिया में चीन ने धोखाधड़ी वाला रवैया अपना लिया है। चीन ने अभी तक परियोजना से संबंधित अपने विभागों की बैठक बुलाकर नोडल एजेंसी अंतरराष्ट्रीय संस्था ईसी मोड को अपनी रिपोर्ट नहीं दी है।
जब तक यह रिपोर्ट नहीं आएगी परियोजना की प्रगति अटकी रहेगी। परियोजना के सूत्रों ने बताया कि यह तय हुआ था कि तीनों देश क्षेत्र का डाटा बेस तैयार करने के बाद अपने संबंधित मंत्रालयों से बात कर रिपोर्ट भेजेंगे।