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नेपाल कर रहा कुछ ऐसा कि इंडिया बॉर्डर के नजदीक आ जाएगा चीन

Mon, 19 Mar 2018 07:53 AM IST
राजेश पंगरिया, अमर उजाला, झूलाघाट (पिथौरागढ़)
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फाइल फोटो
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नेपाल कुछ ऐसा कर रहा है जिससे चीन भारत की सीमा के नजदीक आ जाएगा। जी हां, नेपाल के ब्रह्मदेव से महाकाली नदी के किनारे दार्चुला होते हुए चीन सीमा के तिंकर बार्डर के लिए महाकाली कॉरिडोर सड़क बन रही है।

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यह सड़क पांच साल में बनकर तैयार हो जाएगी। इसके बनने से नेपाल के क्षेत्र नंबर 7 के कंचनपुर से दार्चुला की दूरी कम होगी। साथ ही प्रस्तावित पंचेश्वर डेम के किनारे इस सड़क के बनने से महाकाली अंचल के लोगों को सीधी एवं टू लेन सड़क पर सफर करने में आसानी होगी। 431 किमी लंबी सड़क बनने से पर्यटन गतिविधियां भी बढ़ेंगी।

प्रस्तावित सड़क चीन सीमा तक जानी है। इससे चीन का भारत में सड़क मार्ग से प्रवेश का रास्ता और नजदीक हो जाएगा। भारत के पिथौरागढ़ जिले की सीमा तक चीन की सीधी सड़क पहुंच होगी। प्रतिकूल हालात में नेपाल सरकार के चीन की ओर रुख से भारत को सामरिक मोर्चे पर नुकसान हो सकता है।

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ब्रह्मदेव से तिंकर (चीन सीमा) तक 431 किमी है सड़क

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नेपाल सरकार ने भारत में महाकाली नदी के किनारे बन रही टनकपुर-जौलजीबी सड़क के समानांतर ब्रह्मदेव-तिंकर सड़क को मंजूरी दी है। इस सड़क की लंबाई ब्रह्मदेव से तिंकर (चीन सीमा) तक 431 किमी है।

सड़क को टू लेन बनाते हुए इसमें कोरिया की तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सड़क की चौड़ाई 12 मीटर रखी गई है। नेपाल सरकार इस सड़क को बनाकर पहाड़ से मैदान की दूरी कम करना चाहती है। सड़क के बनने से बैतड़ी जिले के लोगों को नेपाल के ब्रह्मदेव जाने में 3 घंटे का समय ही लगेगा।

दार्चुला से ब्रह्मदेव की 291 किमी की दूरी 5 घंटे में तय हो जाएगी। वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 10 घंटे लगते हैं। सड़क निर्माण से नेपाल की सीमा सुरक्षा मजबूत होगी। साथ ही नदी के किनारे के नेपाल के जगबूड़ा, पंचेश्वर, दार्चुला, बैतड़ी और चीन सीमा से लगे गांवों का तेजी से विकास होगा। नेपाल रोड डिवीजन ने सड़क निर्माण के लिए टेंडर तय कर काम भी शुरू कर दिया है।
 
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तेजी से चल रहा निर्माण

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सड़क के 80 किमी हिस्से को बनाने का काम ग्वालेक निर्माण सेवा कंपनी कर रही है। कंपनी के महाप्रबंधक सुरेश चंद ने बताया कि बैतड़ी से बाराकोट होते हुए सड़क को 18 किमी आगे तक काट दिया गया है।

ब्रह्मदेव से जगबूड़ा तक सड़क 20 किमी काट दी है। सड़क का लिंक बैतड़ी में बाराकोट के पास है, जो नेपाल के जूलाघाट कस्बे से 7 किमी दूर स्थित है। सड़क को अगस्त 2022 तक पूरा किया जाना है।

पंचेश्वर डूब क्षेत्र से ऊंची बन रही सड़क
महाकाली कैरिडोर सड़क टनकपुर-जौलजीबी सड़क के समानांतर महाकाली नदी के किनारे पंचेश्वर बांध डूब क्षेत्र के ऊपर बन रही है। इससे लगता है कि नेपाल सरकार बांध निर्माण को देखते हुए सड़क निर्माण का काम कर रही है, ताकि बांध बनने से सड़क को कोई नुकसान न पहुंचे।
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