केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने सोबला के आपदाग्रस्त क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण करने के साथ ही वाहन से तवाघाट जाकर नवनिर्मित पुल का जायजा लिया।
सीमा पर चीन के विकास के सवाल पर मंत्री ने कहा कि चीन और भारत की तुलना नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत में पहाड़ हैं जबकि चीन में पठारी इलाका होने से विकास कार्य करने में आसानी होती है। मंत्री ने इस दौरान आपदा प्रभावितों से दूरी बनाए रखी।
सोबला तक सड़क खोलने के आदेश
गोपनीय कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार की दोपहर केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री हेलीकॉप्टर से धारचूला पहुंचे। मंत्री ने सोबला तक क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण करने के साथ ही अधिकारियों के साथ 17 किमी तवाघाट तक वाहन से जाकर धारचूला-तवाघाट नेशनल हाईवे पर बन रहे पुल का जायजा लिया जो 16 जून की तबाही में काली नदी में बह गया था।
मंत्री ने बीआरओ को सोबला तक सड़क खोलने के आदेश दिए। बीआरओ अफसरों ने मंत्री को बताया कि तवाघाट के पुल से पांच अक्तूबर से वाहनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
मंत्री ने डीएम को बुलाया
इस दौरान तवाघाट की आपदा प्रभावित बसंती देवी ने मंत्री के सामने समस्या रखनी चाही तो मंत्री ने डीएम को बुलाया और महिला से डीएम के सामने समस्या रखने की बात कही। कार्यक्रम में सेना के सीओ राजीव कटारिया, एडीएम बीएल राना, एसडीएम प्रमोद कुमार, बीआरओ के अधिकारी मौजूद थे।