बाल सुधार गृह से मौका देखकर भाग निकले बच्चे जब पकड़े गए तो उन्होंने पुलिस के सामने चौंकाने वाली बातें बताई । बच्चों की बाते सुनकर पुलिस भी सकते में आ गई।
बता दें कि, रोशनाबाद में बाल सुधार गृह से रविवार देर रात दीवार में सेंध लगाकर आठ किशोर फरार हो गए। सिडकुल पुलिस की सक्रियता से सात किशोर हत्थे पकड़े गए, जबकि एक का पता नहीं चल सका। बच्चों ने बाल सुधार गृह प्रबंधन पर गंभीर आरोप जड़े हैं।
पुलिस के पूछने पर बच्चों ने आरोप लगाया कि बाल सुधार गृह में बेहद ही बुरा बर्ताव उनके साथ किया जाता है। मारपीट करने के साथ ही अच्छा खाना भी नहीं दिया जाता है। थानाध्यक्ष कमल मोहन भंडारी ने बताया कि बच्चों की बाते सुनकर लगा कि वहां उनका शोषण हो रहा था। इसलिए वे भागे हैं। वे बार-बार एक ही बात कह रहे थे कि उन्हें वहां नहीं जाना है।
बता दें, देर रात सिडकुल पुलिस चेकिंग में जुटी थी। किरबी कंपनी के पास सड़क किनारे कुछ बच्चों को देखकर पुलिस को संदेह हुआ। पुलिस ने जब बच्चों को आवाज लगाई, तब वे भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर सात किशोर पकड़ लिए, जबकि एक हाथ नहीं आ सका।
थाने लाकर की गई पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे सभी बाल सुधार गृह में रहते हैं और रात करीब ग्यारह बजे दीवार में सेंघ लगाकर फरार हुए थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि किशोरों के नाम धीरज जोशी पुत्र नवीन चंद्र जोशी निवासी लालकुंआ नैनीताल, मनोज पंडित पुत्र कृपाल पंडित निवासी गांव मटलटव लोहाघाट चंपावत, पंकज बेलवाल पुत्र त्रिलोचन बेलवाल निवासी लक्ष्मपुर चौराहा थाना चोर गलिया उधमसिंह नगर
अभिषेक यादव पुत्र लल्ल यादव निवासी चंद्रभागा ऋषिकेश, संदीप पुत्र मनमोहन निवासी अंतरहेडी बिसातगंज बरेली, सूरज कुमार पुत्र रवि कुमार निवासी भैरव मंदिर ऋषिकेश और एक किशोर मूकबघिर है। बताया कि फरार हुए किशेार का नाम महेश है। थानाध्यक्ष ने बताया कि बच्चों समझाबुझाकर बाल सुधार गृ़ह भेजा गया है।