देहरादून में घर से स्कूल के लिए निकले चार बच्चों के लापता होने से हड़कंप मच गया।
सहस्त्रधारा घूमने के इरादे से पैदल ही निकल गए
चार घंटे तक परिजन और पुलिस के हाथ-पैर फूले रहे। बाद में एक शख्स की मदद से यह बच्चे मिले तो सभी ने राहत की सांस ली। पता चला कि बच्चे स्कूल से सहस्त्रधारा घूमने के इरादे से पैदल ही निकल गए थे।
इन सभी बच्चों की उम्र सात से आठ साल के बीच है। शहर के मुन्नूगंज निवासी दिलदार का बड़ा बेटा आशु और छोटा संजीव मोती महल के सनातन धर्म स्कूल में कक्षा दो और एक में पढ़ते हैं।
सात से आठ साल के बीच हैं ये बच्चे
दिनेश कुमार का छह साल का बेटा जितेंद्र और सपेरा बस्ती के राकेश का पुत्र रवि कुमार भी इसी स्कूल के छात्र हैं। बुधवार दुपहर 12 बजे स्कूल की छुट्टी के बाद चारों बच्चे सहस्त्रधारा घूमने के इरादे से पैदल ही निकल पड़े।
बच्चे घर नहीं पहुंचे तो परेशान परिजन स्कूल पहुंचे, लेकिन कुछ पता नहीं चला। काफी दौड़-धूप करने के बाद परिजन कोतवाली पहुंचे।
एक साथ चार बच्चों के गायब होने की खबर से पुलिस में हड़कंप मच गया। चारों के हुलिए के आधार पर वायरलेस पर मैसेज फ्लैश किया गया।
शाम करीब पौने चार बजे सहस्त्रधारा क्रांसिग के पास स्कूल ड्रेस में जा रहे इन बच्चों पर एक राहगीर की नजर पड़ गई। बच्चों से पूछताछ करने के बाद उसने पुलिस को सूचना दी।
पापा नहीं माने, तो खुद चल दिए
कोतवाली निरीक्षक एसएस बिष्ट ने बताया कि इनमें से एक बच्चे ने परिजनों से सहस्त्रधारा घूमने की इच्छा जताई थी।
परिजनों ने उसकी बात नहीं मानी तो उसने दोस्तों के साथ योजना बना ली। हालांकि, बच्चों को नहीं मालूम था कि उन्हें इतना लंबा चलना पड़ेगा। परिजन सही समय पर अलर्ट हो गए, इसलिए बच्चे ज्यादा दूर नहीं निकल पाए।