गुलदार की दहशत से बच्चों का स्कूल छूटा
राखी के गांव देवकुंडाई में पिंजरे में नहीं फंस रहा गुलदार, पिंजरा दूसरे स्थान पर शिफ्ट
वन विभाग ने ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए किए दो वनकर्मी तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। गुलदार के हमले में घायल बहादुर बेटी राखी रावत के गांव देवकुंडाई में वन विभाग के प्रयासों के बावजूद हमलावर गुलदार पिंजरे में कैद नहीं हो सका है। गांव के आसपास गुलदार के देखे जाने से गांव के लोग खौफ हैं। वन विभाग ने पिंजरा अन्य स्थान पर लगाने के साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए दो वनकर्मियों को गांव में तैनात कर दिया है। गुलदार की दहशत से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
बीरोंखाल ब्लाक के देवकुंडाई गांव में गत सप्ताह चार अक्तूबर को दिन में खेत से अपने छोटे भाई के साथ घर लौट रही राखी रावत और उसके भाई राघव पर गुलदार ने हमला कर दिया था। इसमें अपने छोटे भाई को बचाने के लिए राखी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के बाद हरकत में आए गढ़वाल वन प्रभाग की पोखड़ा रेंज ने गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगा दिया, लेकिन गुलदार पिंजरे में नहीं फंसने से गांव के लोग दशहत में हैं।
राखी के पिता दलवीर सिंह रावत ने बताया कि गुलदार गांव के नजदीक खेतों में दिखाई दे रहा है। गुलदार की धमक से ग्रामीणों की दिन का चैन और रात की नींद उड़ी हुई है। शाम ढलते ही ग्रामीण घरों में दुबकने को मजबूर हैं। गुलदार के भय से अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से ग्रामीणों की सुरक्षा करने की मांग की है।
उधर, पोखड़ा रेंज अधिकारी राखी जुयाल ने बताया कि एक बार गुलदार पिंजरे के पास आकर वापस चला गया। इसके बाद वह पिंजरे के पास नहीं आ रहा है। अब पिंजरे को दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए दो सशस्त्र वन कर्मियों को गांव में तैनात कर दिया गया है। पंचायत चुनाव निपटने के बाद गुलदार को पकड़ने के प्रयास तेज किए जाएंगे।
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