विभाग ने सभी जनपदों को भिखारी मुक्त बनाने का बीड़ा उठाया है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एक महीने में इसकी कार्ययोजना बनाकर भेजेंगे। उन्हें महिला एवं बाल विकास, पुलिस, श्रम, ग्राम्य विकास, नगर विकास, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के साथ स्वैच्छिक संगठनों के सहयोग से कार्ययोजना बनाने को कहा गया है।
भीख मांगने वाले बच्चों के पुनर्वास होगा
शासन ने तय किया है कि भीख मांगने, कूड़ा बीनने वाले, दिव्यांग, बाल श्रमिक व नशे की गिरफ्त में फंसे बच्चों का पुनर्वास किया जाएगा। ऐसे बच्चों के परिजनों की भी काउंसलिंग की जाएगी। हर जिले में परामर्शदाता पैनल बनाए जाएंगे।
सभी जिलाधिकारियों को निदेशक महिला कल्याण को इसकी कार्ययोजना भेजने के निर्देश दिए गए हैं। कार्ययोजना में धार्मिक स्थलों, यात्रा मार्गों, स्थानीय मेलों, पर्यटक स्थलों पर स्थाई व अस्थाई भीख मांगने वाले बच्चों के पुनर्वास, उनकी शिक्षा की व्यवस्था, परिवारजनों का परामर्श एवं रोजगार का जिक्र होगा।
कम छात्र संख्या होने की वजह से प्रदेश भर में बंद हो गए स्कूलों के भवनों में से कुछ को बाल गृहों, ओपन शेल्टर और महिला गृहों में बदला जाएगा। शिक्षा विभाग अब तक 299 स्कूल बंद कर चुका है और 301 स्कूल आने वाले दिनों में बंद होने हैं।
अब शासन ने सभी जिलाधिकारियों को इसके तत्काल प्रस्ताव बनाकर निदेशक महिला कल्याण को भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सरकारी क्षेत्र में मानसिक दिव्यांग बच्चों के अलग से बाल गृह खोलने का भी फैसला लिया गया है। निदेशक से कहा गया है कि वे तत्काल प्रस्ताव बनाकर भेजें।
मी-टू से सबक, महिलाओं का हो सम्मान
ये भी निर्देश दिए गए कि मी-टू जैसे प्रकरणों से सबक लेते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, लड़कों तथा स्कूल छोड़ चुके युवाओं को समझाया जाएगा कि वे बालिकाओं और महिलाओं का सम्मान करें। असम्मान वाली घटनाओं और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सख्ती से निपटा जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग, आलवेदर रोड, बड़े निर्माण कार्ड, बीआरओ के निर्माण कार्यों में कार्यरत मजदूरों के बच्चों के लिए क्रैच बनाए जाएंगे। इसके लिए केंद्र की क्रैच योजना के तहत प्रस्ताव भेजा जाएगा।
बाल सुधार को ये भी करना होगा
- चाइल्ड हेल्प लाइन, स्पेशल जुविनाइल पुलिस यूनिट, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड के साथ जिलाधिकारी हर तिमाही समीक्षा बैठक करेंगे।
- किशोर न्याय अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने को जिला विधि सेवा प्राधिकरण का सहयोग लिया जाएगा
- मीडिया को बाल सुरक्षा से जुड़े प्रकरणों में संवेदनशीलता से रिपोर्टिंग की अपील की जाएगी
- बाल एवं महिला गृहों के उच्चीकरण एवं नवीन गृहों के निर्माण के लिए भूमि के प्रस्ताव मांगें जाएंगे