वन्यजीवों के आगे सरकार बेबस हुई, तो दूसरी ओर बच्चों ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर समस्या के समाधान की गुहार लगाई है।
खेती को नुकसान पहुंचा रहे वन्य जीवों के आगे सरकार भी अब घुटने टेकने को मजबूर है। बंदरबाड़ा, बंदरों की नसबंदी आदि के बाद अब सरकार की किसानों को सलाह है कि ऐसी फसल लगाएं, जिन्हें जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल के मुताबिक तारबाड़ ही सरकार अगर कराने लगे तो इसमें सालों लग जाएंगे।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने आए कृषि मंत्री सुबोध उनियाल के मुताबिक लेमनग्रास सहित अन्य कई ऐसे पौधे हैं, जिन्हें बंदर, लंगूर आदि नुकसान नहीं पहुंचाते। अब किसानों को इस बात के लिए प्रेरित किया जा रहा कि वे परंपरागत फसलों की जगह सगंध पादप, जड़ी-बूटी आदि की खेती करें। इससे उनकी आय में भी इजाफा होगा और वन्य जीवों के नुकसान से भी निजात मिलेगी।