याची ने कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के नालसा बनाम यूनियन आफ इंडिया के निर्णय का हवाला दिया था और कहा था कि फैसले में स्पष्ट कर दिया गया है कि जो पुरुष लिंग परिवर्तन के बाद महिला बनेगी उन्हें महिला माना जाएगा और जो महिला से पुरुष बनेंगे उन्हें पुरुष माना जायेगा।
पुलिस उनको महिला नही मान रही है। सरकार ने याची को महिला मानने से इनकार किया था और कहा था कि केंद्र सरकार इसमें कोई कानून नही बनाया है। याची ने अभियुक्त मंगेतर की जमानत निरस्त करने की मांग की थी। उनकी इस मांग को कोर्ट ने खारिज किया। अभियुक्त को याचिकाकर्ता से यौन शोषण का मामले में पूर्व में कोर्ट से जमानत मिल चुकी थी।