पनवाड़ की फली खाने से हरिद्वार के दौलतपुर गांव में डेढ़ साल की एक बच्ची की मौत हो गई है जबकि उसकी दूसरी बहन की हालत गंभीर बनी हुई है। तीसरी बहन की हालत में सुधार होने पर डाक्टरों ने रुड़की सिविल अस्पताल से छुट्टी दे दी है।
धनौरी के पास दौलतपुर गांव में आईटीआई भवन का निर्माण चल रहा है। यहां काम करने वाले मजदूरों के तीन परिवार वहीं झोपड़ पट्टी डालकर रह रहे हैं। आसपास खाली भूमि पर पनवाड़ उगे हुए हैं।
खाते ही हो गईं बेहोश
शनिवार शाम मजदूरी कर रहे शफीक (निवासी भागलपुर, बिहार) की बेटी खुशबू (छह), रुखसार (तीन) और अनूषी (डेढ़ वर्ष) ने पनवाड़ की फलियां खा लीं। इसे खाते ही तीनों बेहोश हो गईं।
पहले परिजनों को लगा कि किसी विषैले कीड़े ने बच्चियों को डसा होगा लेकिन तीनों के हाथों में पनवाड़ की फलियां होने से मामला समझ में आ गया।
इलाज के दौरान एक की मौत
आननफानन में परिजन बेहोश हुई तीनों बच्चियों को लेकर रुड़की के एक निजी अस्पताल पहुंचे। जहां इलाज के दौरान रात ढाई बजे अनूषी की मौत हो गई।
वहीं खुशबू की हालत गंभीर बनी हुई है जबकि रुखसार की तबियत में सुधार होने पर डॉक्टरों ने उसे रात को ही छुट्टी दे दी।