दून महिला अस्पताल में 12 घंटे के भीतर चार नवजात शिशुओं की मौत होने से हड़कंप मच गया। रविवार को एक शिशु की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया तो तीन और बच्चों मौत का मामला सामने आया।
परिजनों ने शिशुओं की मौत के लिए अस्पताल को जिम्मेदार ठहराया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद भाजपाइयों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
ड्राइक्लीनिंग का काम करने वाले लक्ष्मी रोड निवासी मुकेश ने गर्भवती पत्नी गीता को शुक्रवार को महिला दून अस्पताल में भर्ती कराया था। शुक्रवार रात ढाई बजे गीता ने बच्चे को जन्म दिया। रविवार सुबह छह बजे बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी।
आरोप है कि मुकेश ने कई बार इसकी सूचना दी, लेकिन नर्सिंग स्टाफ करीब एक घंटे बाद वार्ड में पहुंचा। नर्सों ने बच्चे के मुंह से झाग निकलता देख परिजनों से डॉक्टरों को बुलाने के लिए कहा।
सूचना के बावजूद करीब साढ़े आठ बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे। इस पर परिजन बच्चे को निकू वार्ड में ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद मुकेश और उसके परिचितों ने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। हंगामा होते देख दूसरे मरीजों के परिजन भी अस्पताल परिसर में जमा हो गए। लोगों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए डॉक्टरों और अन्य स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की।