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Dehradun News: बाल आयोग ने जीआरडी स्कूल में किया औचक निरीक्षण, अनियमितताओं का दावा

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I24 जुलाई को अभिभावकों ने स्कूल के खिलाफ की थी शिकायत
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Iराज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मंगलवार को देहरादून के केहरी गांव स्थित जीआरडी स्कूल का औचक निरीक्षण करके कई अनियमितताएं मिलने का दावा किया। आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि स्कूल बिना उचित मान्यता के कक्षा सात तक संचालित हो रहा है, जबकि मौके पर मिले दस्तावेजों के अनुसार स्कूल को सिर्फ कक्षा छह तक पढ़ाने की अनुमति है।I
Iआयोग की अध्यक्ष ने बताया कि 24 जुलाई को अभिभावकों ने स्कूल के खिलाफ शिकायत की थी। इसके आधार पर उन्होंने आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल और अनुसचिव डॉ. सतीश कुमार सिंह के साथ स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि स्कूल एक बड़े परिसर में कुछ ही कक्षाओं के साथ चल रहा था। डॉ. खन्ना ने बताया कि प्ले ग्रुप के शिक्षकों के पास आवश्यक शैक्षिक प्रमाणपत्र भी नहीं मिले। उनके समक्ष प्रबंधन ने दावा किया कि स्कूल को कक्षा आठ तक की मान्यता प्राप्त है, लेकिन संबंधित प्रमाणपत्र पेश नहीं किए। उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई कि स्कूल परिसर में बिना किसी विभाजन या दीवार के एक डिग्री कॉलेज का भी संचालन हो रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि डिग्री कॉलेज परिसर के भीतर एक स्कूल कैसे और किसकी अनुमति से चल रहा है। स्कूल के खेल के मैदान में अत्यधिक काई और फिसलन पाई गई, जिससे बच्चों के चोटिल होने का खतरा था। डॉ. खन्ना ने यह भी दावा किया कि मैदान में कई फलदार वृक्ष भी कटे पाए गए। उन्होंने इसकी सूचना संबंधित मंत्री और विभाग को त्वरित कार्रवाई के लिए दी है।I
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Iस्कूल का पक्ष, आयोग के दावे गलत बताएI
Iआयोग के दावों को स्कूल के प्रधानाचार्य अभिनव कपूर ने गलत बताया। उन्होंने कहा कि वह निरीक्षण के दौरान स्वयं उपस्थित थे। उन्होंने स्कूल के आठवीं तक मान्यता के दस्तावेज पेश किए थे। डिग्री कॉलेज और स्कूल की इमारत अलग-अलग है। स्कूल में बारिश के चलते मैदान गीला है, जिसकी सफाई नियमित करवाई जाती है। उन्होंने पेड़ काटे जाने के दावे को निराधार और गलत बताया। प्ले स्कूल की योग्यता पर उठाए गए सवालों को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास उचित दस्तावेज उपलब्ध हैं, जो आयोग को भी प्रस्तुत किए थे।I
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Iआयोग के दावों को स्कूल के प्रधानाचार्य अभिनव कपूर ने गलत बताया। उन्होंने कहा कि वह निरीक्षण के दौरान स्वयं उपस्थित थे। उन्होंने स्कूल के आठवीं तक मान्यता के दस्तावेज पेश किए थे। डिग्री कॉलेज और स्कूल की इमारत अलग-अलग है। स्कूल में बारिश के चलते मैदान गीला है, जिसकी सफाई नियमित करवाई जाती है। उन्होंने पेड़ काटे जाने के दावे को निराधार और गलत बताया। प्ले स्कूल की योग्यता पर उठाए गए सवालों को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास उचित दस्तावेज उपलब्ध हैं, जो आयोग को भी प्रस्तुत किए थे।I
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