ऋण अदायगी की प्रगति संतोषजनक नहीं
इस पर सीएस ने कहा, स्वीकृत प्रस्तावों के सापेक्ष विभागों द्वारा ऋण अदायगी की प्रगति संतोषजनक नहीं है। सभी विभागों को इसमें तेजी लाने की आवश्यकता है। अच्छे प्रस्ताव लगातार तैयार कर वित्त को भेजे जाने के साथ ही डीपीआर नाबार्ड को भी भेज दी जाए, ताकि समय पर नाबार्ड की भी संस्तुति मिल सके। उन्होंने विभागों के सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को ऋण वितरण एवं अदायगियों में तेजी लाने के लिए साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए।
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नाबार्ड किसानों की आय में बढ़ोतरी का अध्ययन करे
मुख्य सचिव ने नाबार्ड को निर्देश दिए कि राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विकास के सापेक्ष किसानों की कृषि आय में बढ़ोतरी पर तुलनात्मक अध्ययन किया जाए। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत 2.05 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधाओं का सृजन एवं पुनरुद्धार हुआ। लगभग 14,766 किमी ग्रामीण सड़कों के नेटवर्क और 27307 मीटर पुल बनाए गए। 23.77 लाख ग्रामीण आबादी को पेयजल सुविधा दी गई।