भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने एमडीडीए के सुपरवाइजर नीरज भंडारी के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। भंडारी के खिलाफ प्रॉपर्टी के धंधे में लिप्त रहने, अवैध निर्माण को संरक्षण देने और अवैध निर्माण के एवज में पैसे वसूलने समेत कई शिकायतें दर्ज कराई गई।
इस पर कार्रवाई करते हुए ही मुख्यमंत्री ने विजिलेंस को जांच सौंपी है। पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री को एमडीडीए सुपरवाइजर की भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थी। शुरूआती जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद मंगलवार को सीएम ने विजिलेंस को इसकी जांच सौंप दी।
भंडारी एमडीडीए के चर्चित चेहरों में शामिल है। वह लंबे समय से एमडीडीए में सुपरवाइजर पद पर कार्यरत है। इस दौरान वह सेक्टर और कार्यालय में तैनात रहा है।