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CM का हेलीकॉप्टर उड़ते ही उतरा दूसरा कॉप्टर, हड़कंप

Wed, 12 Nov 2014 02:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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गुरुकुल कांगड़ी विवि के दयानंद स्टेडियम से मुख्यमंत्री हरीश रावत के हेलीकॉप्टर के उड़ान भरते ही सहारनपुर के एनआरआई बंधुओं को लेकर अचानक पहुंचे एक अन्य कॉप्टर उतरने पर सरकारी मशीनरी में हड़कंप मच गया।
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हरकत में आई पुलिस को एनआरआई बंधु अनुमति पत्र नहीं दिखा पाए। आधे घंटे तक थाने में चले हाई वोल्टेज ड्रामे और अनुमति दिखाने के बाद एनआरआई बंधुओं को छोड़ा गया।

मंगलवार शाम बहादराबाद क्षेत्र में एक कार्यक्रम में आए मुख्यमंत्री का काफिला दयानंद स्टेडियम हेलीपैड पर पहुंचा और कॉप्टर से उड़ गए। पूरा प्रशासनिक अमला अभी स्टेडियम में मौजूद था कि एक और कॉप्टर उतर गया। इससे कुछ लोग सुरक्षाकर्मियों के साथ उतरे और कॉप्टर ने तुरंत उड़ान भर ली।
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कॉप्टर से आए लोग लग्जरी कारों में सवार होने लगे तो एसओ रितेश शाह ने उन्हें कॉप्टर उतारने की अनुमति दिखाने की बात कही लेकिन एनआरआई बंधु पुलिस से उलझ गए। बात बढ़ने पर एसओ सभी को थाने लेकर पहुंचे।

महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि पहुंचे पैरवी में

यहां एनआरआई बंधुओं ने एसओ रितेश शाह को तबादला कराने तक की धमकी भी दी। पूछताछ में सामने आया कि कॉप्टर में सहारनपुर के एनआरआई बंधु अजय गुप्ता एवं अतुल गुप्ता हैं। इसी बीच जूना अखाडे़ के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि भी पहुंच गए।

करीब आधे घंटे बाद एनआरआई बंधुओं ने मोबाइल फोन पर ईमेल से सिटी मजिस्ट्रेट की ओर भेजी गई अनुमति पत्र की कापी दिखाई तब जाकर उन्हें जाने दिया। तब तक सीओ सिटी चंद्रमोहन सिंह नेगी भी थाने पहुंच गए। सीओ ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट ने भी अनुमति होने की बात कही है। एनआरआई बंधुओं ने हेलीकॉप्टर किराए पर लिया था।

हो सकती थी मारपीट
हेलीपैड पर यदि पुलिस ने समझदारी न दिखाई होती तो एनआरआई बंधु, उनके कर्मचारियों एवं सुरक्षाकर्मियों से मारपीट हो सकती थी। पुलिस से तू-तू मैं-मैं होने पर स्टेडियम में मौजूद छात्र पुलिस के पक्ष में आ गए थे और एनआरआई बंधुओं को घेर लिया था। कुछ छात्रों ने आस्तीनें चढ़ा ली थी, लेकिन पुलिस ने छात्रों को शांत किया।

सीएम की सुरक्षा पर गंभीर नहीं अमला

मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर सरकारी मशीनरी कितनी चौकस है इसकी हकीकत एनआरआई बंधुओं के हेलीकॉप्टर के यकायक उतरने पर सामने आ गई है।

सवाल यही है कि जब सीएम के आने का कार्यक्रम था तो दयानंद स्टेडियम में दूसरे कॉप्टर उतारने की अनुमति कैसे दे दी गई। प्रशासनिक मशीनरी की लापरवाही की हद यह है कि स्थानीय पुलिस तक को अनुमति की कॉपी नहीं भेजी गई।

खिसके अफसर
हेलीपैड पर जब एसओ ने एनआरआई बंधुओं से कॉप्टर उतारने की अनुमति मांगी तब एडीएम एवं सिटी मजिस्ट्रेट भी मौजूद थे, लेकिन इधर-उधर हो गए। यदि सिटी मजिस्ट्रेट वहीं परमिशन होने की बात कह देते तो इतना हंगामा नहीं होता।
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एनआरआई बंधुओं का दिखा रसूख

एनआरआई बंधुओं का रसूख ही कहेंगे कि उनकी पैरवी में संन्यासियों के सबसे बडे़ अखाडे़ एवं राजनीति में पकड़ रखने वाले आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि तक थाने की चौखट पर पहुंचे। जाने माने संत के अपने क्षेत्र के लोकल थाने में दौड़कर पहुंचने पर प्रशासनिक एवं पुलिस महकमे में भी हड़कंप की स्थिति रही।

एनआरआई बंधुओं का सहारनपुर के मिशन कपाउंड में विशाल आशियाना है। दक्षिण अफ्रीका में भी बंधुओं का खदान का कारोबार है। इनकी कांग्रेस में खासी पकड़ बताई जाती है।

साथ में थी विदेशी युवती
एनआरआई बंधुओं के साथ एक विदेशी युवती एवं उनका करीबी रिश्तेदार भी था। पूरे मामले की तस्वीर साफ होने तक सभी एसओ के कार्यालय में बैठकर इधर-उधर फोन घनघनाते रहे।
-गंगा सागर नौटियाल, वनक्षेत्राधिकारी, ऋषिकेश रेंज
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