मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की उम्र को लेकर शुरू हुआ विवाद अब हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी है। वर्ष-2014 के उपचुनाव और वर्ष-2017 के सामान्य विधानसभा चुनाव में त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से दाखिल हलफनामे में एक समान उम्र दर्शाने संबंधी विवाद अब हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी है।
शिकायतकर्ता रघुनाथ सिंह के मुताबिक एक पखवाड़ा बीतने के बावजूद चुनाव आयोग की तरफ से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस स्थिति को देखते हुए वे अगले सप्ताह तक हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
भाजपा में राज्यमंत्री रहे रघुनाथ सिंह ने बीती 30 अक्टूबर, 17 को भारत निर्वाचन आयोग में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के मुताबिक त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वर्ष-2014 में उप चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में अपनी उम्र 54 साल बताई थी।
गलत हलफनामा दायर करने का आरोप
trivendra singh rawat
तीन साल बाद वर्ष-2017 में जब उन्होंने विधानसभा चुनाव में डोईवाला सीट से पर्चा भरा तो हलफनामे में अपनी उम्र 54 साल ही बताई। गलत हलफनामा दायर करने का आरोप लगाते हुए रघुनाथ सिंह ने मामले में आयोग से कार्रवाई की मांग की थी।
रघुनाथ सिंह के मुताबिक बीती छह नवंबर को वे भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक दिलीप शर्मा से मिले थे। उन्होंने मामले में विधि सम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
यह भी कहा था कि सप्ताह भर के भीतर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करके जवाब मांगेंगे, मगर अब तक कुछ नहीं हुआ। ऐसे में उन्होंने इस सिलसिले में अगले सप्ताह हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की बात कही है।
57 साल के हैं टीएसआर
trivendra singh rawat
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का जन्म दिसंबर 1960 को पौड़ी गढ़वाल के जहरीखाल ब्लॉक के खैरासैंण गांव में एक फौजी परिवार में हुए था। 19 साल की उम्र में ही रावत संघ से जुड़ गए थे। इसके बाद वह संघ की शाखाओं में नियमित रूप से जाने लगे।
1981 में संघ की विचारधारा का उन पर ऐसा असर पड़ा कि उन्होंने बतौर प्रचारक ही काम करने का फैसला किया। वह पढ़ाई के बाद मेरठ में तहसील प्रचारक बन गए और संघ की विचारधारा का प्रचार करने लगे। 1985 में उन्हें देहरादून महानगर का प्रचारक बनाया गया। त्रिवेंद्र सिंह रावत की फिलहाल उम्र 57 साल है।
ऐसा कुछ लोग कह रहे हैं, मेरे संज्ञान में आया है। मगर, मैंने अभी मामला देखा नहीं है। जहां तक मुझे याद है कि हलफनामे में जन्मतिथि सही लिखी गई है। बाकी शनिवार को जिलाधिकारी से हलफनामा निकलवाकर देखेंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री