सोमवार को ‘नहाय-खाय’ के साथ छठ पूजा की शुरुआत के बाद मंगलवार को खरना आयोजित किया गया। इस दौरान बिहारी महासभा ने करीब 150 लोगों को खीर और रोटी का प्रसाद बांटा। शाम सात बजे खरना ग्रहण करने के बाद निर्जला छठ व्रत की शुरुआत हो गई। व्रती बुधवार शाम 5.54 बजे सूर्य को पहला अर्घ्य देंगे।
मंगलवार को बिहारी महासभा ने सहस्त्रधारा रोड स्थित अमन विहार में खरना आयोजित किया। इस मौके पर व्रतियों ने पहले पूजा-पाठ की। इसके बाद विधि-विधान से खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण किया।
बिहारी महासभा सतेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक व्रती को यह प्रसाद एकांत और बंद कमरे में लेना होता है। इस बीच किसी की आवाज आ जाने पर प्रसाद नहीं खाया जाता है। कंक्कड़ या कोई अन्य चीज मिल जाने पर भी प्रसाद नहीं ग्रहण किया जाता। अगर व्रती ने प्रसाद मुंह में ले लिया है और इसके बाद कोई आवाज सुन लेने पर भी प्रसाद छोड़ना पड़ता है।