‘उग हे सूरज देव, भइल भिनसरवा... अरघ के रे गेरवा, पूजन के रे बेरवा हो’ गीत के साथ उदीयमान सूर्य को छठ व्रतियों ने अर्घ्य दिया। श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना की। सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन हो गया।
सोमवार की सुबह दीपों की रोशनी से दून जगमगा उठा। छठ व्रतियों ने रात तीन बजे से दून के विभिन्न घाटों पर पहुंचना शुरू कर दिया। व्रतियों ने सूर्य के उगने का इंतजार किया। इसके बाद सुबह 6:45 बजे सूर्य उदय होते ही अर्घ्य दिया। इस दौरान घाट पर शंख, घंटी बजाकर आरती की गई और एक दूसरे को ठेकुआ का प्रसाद वितरित किया।
पटेलनगर ब्रह्मपुरी छठ पार्क में हजारों व्रतियों ने छठी मइया के आशीर्वाद के लिए उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। पूर्वांचल छठ पूजा आयोजन समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने पहुंचकर बधाई दी। पूर्वा सांस्कृतिक मंच के महासचिव सुभाष झा ने बताया कि छठ पूजा के 18 घाटों के प्रभारियों को घाट पर फैली गंदगी को जल्द साफ करने के निर्देश दिए गए हैं। वही इस दौरान घाटों पर टनल में फंसे मजदूरों की सलामती की प्रार्थना की गई। दून में 30 से अधिक घाटों पर छठ पूजा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्वा सांस्कृतिक मंच के महासचिव सुभाष झा, भाजपा मंडल अध्यक्ष संजीव सिंगला, कौशलेंद्र सिंह, सत्येंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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दीपों की रोशनी से जगमगाए घाटI
छठ महापर्व के चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इसे लेकर व्रती सुबह तीन बजे से ही छठ पूजा के घाटों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। सुबह दून दीपों की रोशनी ीसे जगमगा उठा। छठ पूजा के लिए दून के विभिन्न घाटों पर व्रतियों ने दीप प्रज्वलित किए।
छठी मइया के गीतों से भक्तिमय रहा वातावरण
छठ पूजा पर सोमवार को वातावरण भक्तिमय रहा। इस दौरान उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। छठ घाटों पर लोक कलाकारों ने छठी मइया के गीतों की प्रस्तुति से वातावरण भक्तिमय कर दिया। ब्रह्मपुरी छठ पार्क में कलाकार मुन्ना पटेल ने सुंदर-सुंदर गीतों की प्रस्तुति देकर भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
पूरा हुआ 36 घंटे का निर्जला उपवास
छठ पूजा का 36 घंटे का निर्जला उपवास प्रसाद ग्रहण कर पूरा किया गया। उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बार व्रतियों ने घर पहुंचकर कुलदेवता की पूजा की। इसके बाद प्रसाद खाकर 36 घंटे का निर्जला उपवास पूरा किया।
छठ पूजा के बाद नदी में पसरी पूजन सामग्री
लोकआस्था का महापर्व के संपन्न होते ही ही छठ घाटों से लेकर नदियों पर पूजन सामग्री पसरी हुई है। छठ पूजा के बाद देर शाम तक भी गंदगी की स्थिति रही। दून में करीब 30 से अधिक घाटों पर छठ पूजा का आयोजन किया गया था। दून के प्रेमनगर स्थित टोंस नदी में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने छठ पूजा की थी। लेकिन नदी में छठ पूजा के समापन के बाद हर तरफ पूजन सामग्री फैली दिख रही है।