फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फूलों की यह घाटी गूगल पर है, लेकिन नक्शे में नहीं

Sat, 23 Nov 2013 05:46 PM IST
राजा तिवारी/ अमर उजाला, गोपेश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन
पर्यटन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखने वाले उत्तराखंड के चमोली जिले में कई पर्यटक स्थल अब भी गुमनामी के अंधेरों में हैं।
विज्ञापन


पर्यटन के मानचित्र में सरकारी अनदेखी
जोशीमठ ब्लॉक मुख्यालय की ठीक सामने थैंग गांव के पास ही चेनाप घाटी पर्यटन के मानचित्र में सरकारी अनदेखी के कारण ही जगह नहीं बना पाई है।

वनस्पति विशेषज्ञों के अनुसार इस घाटी में 315 प्रजाति के पुष्प हैं। ऐसे में इसे दूसरी फूलों की घाटी कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी।

इस क्षेत्र में हिमालय में होने वाली अनेक जड़ी-बूटियां भी उपलब्ध हैं। इस स्थान की जानकारी कुछ यायावरी पर्यटकों ने गूगल पर दी है, लेकिन सरकार के पर्यटन मानचित्र पर यह घाटी गायब है।

ग्रामीण दिलवर सिंह और प्रदीप सिंह का कहना है कि क्षेत्र में जानकारी के अभाव के कारण मात्र बंगाली पर्यटक ही इस क्षेत्र में पहुंचता है।

सरकार घाटी की जानकारी को पर्यटन विभाग की प्रचार सामग्री में शामिल करती है, तो क्षेत्र में पर्यटन व्यवसाय बढ़ सकता है।

कहां है चेनाप घाटी
चमोली जनपद के सीमांत विकास खंड जोशीमठ के मुख्यालय के ठीक सामने स्थित मध्य हिमालय के सोना शिखर पर स्थित थैंग गांव से कुछ दूरी पर समुद्र तल से करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है चेनाप।
विज्ञापन


कैसे पहुंचे चेनाप घाटी
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर जोशीमठ के समीप मारवाड़ी पुल से तीन दिनों की पैदल यात्रा कर चेनाप घाटी पहुंचा जा सकता है। यहां पहुंचने के लिए जोशीमठ से करीब 28 किमी की दूरी तय करनी होती है। जिसमें 10 किमी सड़क मार्ग तथा करीब 18 किमी पैदल दूरी है।

ट्रैकिंग के मार्ग में दो पड़ाव हैं। पहले दिन मारवाडी से करीब आठ किमी की दूरी पर स्थित थैंग, दूसरे दिन थैंग गांव से छह किमी की दूरी तय कर धार खर्क तथा तीसरे दिन धार खर्क से चार किमी की दूरी तय कर चेनाप घाटी पहुंचते हैं।
विज्ञापन


अन्य दर्शनीय स्थल
घाटी में फूलों की विभिन्न प्रजातियां और मीलों फैले बुग्यालों के साथ ही स्वानू और नंदू ताल भी स्थित हैं। जबकि थैंग का ऐतिहासिक राज राजेश्वरी मां नंदा का मंदिर भी दर्शनीय है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें