हीमोफीलिया सोसाइटी की ओर से ओएनजीसी आफिसर्स क्लब में जांच शिविर का आयोजन किया गया।
पढ़ें, राजनीति छोड़ 'नेताजी' चला रहे सेक्स रैकेट
यहां इस रोग से पीड़ित 55 बच्चों की रक्त जांच की गई। इस दौरान इन बच्चों की माताओं को मानसिक तौर पर मजबूत होने की सलाह दी गई। पीड़ितों के परिजनों को फिजियोथेरेपी, तनाव मुक्त माहौल बनाने की जानकारी दी गई।
पढ़ें, तो क्या इसने लगाई थी बांद्रा एक्सप्रेस में आग?
इस दौरान रक्तदान भी किया गया। शिविर में विधायक हरबंस कपूर, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. जेएस पांगती और उद्योगपति डॉ. एस फारुख आदि मौजूद रहे।
प्रदेश में नहीं जांच की व्यवस्था
सोसाइटी के महासचिव दीपक सिंघल ने बताया कि रक्त में फैक्टर जांच करने के लिए प्रदेश में कोई व्यवस्था नहीं है।
पढ़ें, 'लालच' में कांग्रेस के विधायकों ने दिल्ली में डाला डेरा
ऐसे में सोसाइटी मुंबई के कुछ डाक्टरों की मदद से यह जांच कराती है। इस बीमारी को लेकर अभी काफी कम जागरूकता है, जिसके कारण बच्चे विकलांग हो जाते है।
समय से इलाज, बढ़ाता है जिंदगी
सिंघल ने बताया कि इस रोग की जानकारी देर से मिलती है। हीमोफीलिया से पीड़ित रोगियों में शरीर के भीतर ही रक्तस्राव होता रहता है, जिससे संबंधित अंग कमजोर पड़ जाते हैं। लेकिन मरीज समय से इंजेक्शन लेता रहे तो आयु काफी लंबी हो सकती है।