देहरादून में आलू की भी बेहतर आवक इस वक्त मंडी में है और प्याज भी ठीक आ रहा है, लेकिन इसके बावजूद सब्जी दोगुने दाम पर बिक रही है।
फुटकर एसोसिएशन से भी मंडी समिति के पदाधिकारी बात कर चुके हैं, लेकिन ग्राहक की दिक्कत दूर नहीं हो पा रही।
मंडी जहां अधिकार न होने से इससे आगे कुछ भी कर पाने से हाथ खड़े कर रही है, वहीं एसोसिएशन वालों के पास सख्ती का अधिकार नहीं। लिहाजा, समस्या बनी हुई है।
प्याज का विकल्प बना जीरा
प्याज की आवक मंडी में शनिवार को 264 क्विंटल रही, इस वजह से स्थिति में कुछ सुधार आया है। लेकिन अभी अच्छी क्वालिटी का प्याज नहीं आ पा रहा है।
लोगों ने प्याज के विकल्प के रूप में जखिया, जीरा का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, वहीं होटल-रेस्टोरेंट वालों ने कीमत बढ़ोत्तरी कर अपने नुकसान की भरपाई की है।
ऐसे में उम्मीद अगले सप्ताह पर लगी है। सोमवार के बाद अच्छे प्याज की उम्मीद है।
नगर निगम के स्तर से अगर कार्रवाई हो और ठेलियों के लाइसेंस रद हों तो निश्चित रूप से फर्क पड़ेगा और मार्जिन का लालच छोड़ फुटकर वाले सस्ती सब्जी पर उतरेंगे।
- विजय थपलियाल, सचिव मंडी