सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहिया में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से अस्पताल महज रेफर सेंटर बन कर रह गया है। बीते सात माह के भीतर 165 केस अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किए जा चुके हैं। बीते पांच साल से अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट, चिकित्सा अधीक्षक, आर्थोपेडिक, बाल रोग और सर्जन के पांच पद रिक्त पड़े हैं। जिस कारण स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों के कुल 11 पद स्वीकृत हैं। जिनमें से वर्तमान में छह पदों पर डॉक्टरों की तैनाती है। प्रसूति रोग विशेषज्ञ को छोड़ दिया जाए तो अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े हैं। पूरी व्यवस्था एमबीबीएस डॉक्टर संभाले हुए हैं। विशेषज्ञ तैनाती न होने पर अस्पताल प्रबंधन के पास गंभीर रोगियों और घायलों को हायर सेंटर रेफर करने के सिवाए कोई चारा नहीं बचता।
स्थानीय निवासी रणवीर सिंह चौहान, चमन सिंह, सूरत सिंह, सतपाल राय, गजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि लंबे समय से स्थानीय लोग अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की मांग कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांग को अनसुना कर दिया जाता है। विशेषज्ञ तैनाती न होने पर लोगों को उपचार के लिए 40 किमी दूर विकासनगर की दौड़ लगानी पड़ती है। जिसमें उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं। रेडियोलॉजिस्ट तैनाती न होने पर महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए भी विकासनगर की दौड़ लगानी पड़ती है। बताया कि पूर्व में अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन भी थी। जिसे बाद में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने पर अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया।
सात माह से खराब एक्सरे मशीन
अस्पताल में रखी एक्सरे मशीन भी बीते सात माह से खराब पड़ी है। जिस कारण लोगों को इस सुविधा का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। हड्डी फैक्चर होने पर उन्हें एक्सरे तक के लिए 40 किमी दूर सीएचसी विकासनगर की दौड़ लगानी पड़ती है।
इन अस्पतालों में भी डॉक्टरों का टोटा
साहिया क्षेत्र अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पजिटिलानी और कोटी कॉलोनी भी वर्तमान में चिकित्सकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। पीएचसी पजिटिलानी वर्तमान में महज फॉर्मासिस्ट और एक वॉर्ड ब्वॉय के भरोसे संचालित है। वहीं कोटी कॉलोनी में स्टॉफ ही नहीं है। ऐसे में इन अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों के पास हायर सेंटर जाने के सिवाए कोई चारा नहीं बचता।
अस्पताल से जुड़े हैं ये गांव
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहिया से साहिया, साहिया छानी, बुआरखेड़ा, अलसी, कनबुआ, सकनी, ककाड़ी, किमोठा, नेवी, समाल्टा, कुरोली, खतासा, पाटा, फटेऊ, पानुुवा, बमराड़, थतेऊ, दातनू, बडनू, सुरेऊ, भंजरा, कोठा तारली, खमरोली, चिबऊ, सलगा, कोरूवा, बिनऊ-बंतऊ, रिखाड़, सैंज, सैसा समेत 80 से अधिक गांव जुड़े हुए हैं।
कोट,,,,,,
वर्तमान में विभाग में चिकित्सकों की खासा कमी बनी हुई है। नई भर्तियां होते ही प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी।
डॉ. संजीव दत्त डिप्टी सीएमओ