रविवार को मौसम खुला तो बदरीनाथ धाम में रंग-रोगन, सीढ़ियों में सीमेंट वर्क और टिन शैड का सुधारीकरण कार्य शुरू हो गया है।
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बदरीनाथ-केदारनाथ
मंदिर समिति की टीम सोमवार 21 अप्रैल को पुन: बदरीनाथ धाम के लिए रवाना
होगी। जिला प्रशासन की टीम भी यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेने बदरीनाथ
जाएगी।
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धाम में बारिश और बर्फबारी की वजह से पेयजल और संचार सेवा
बहाल नहीं हो पाई है। जल संस्थान के कर्मचारी और मजदूर दो दिनों तक बदरीनाथ
जाने के लिए लामबगड़ तक तो पहुंचे, लेकिन यहां से आगे बर्फबारी होने से वे
आगे नहीं बढ़ पाए।
'30 अप्रैल तक खुला जाएगा रास्ता'
रविवार को धूप खिलने के बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बैनाकुली में हाईवे चौड़ीकरण कार्य भी शुरू कर दिया है।
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बीआरओ के द्वितीय कमान अधिकारी कैप्टेन राम का कहना है कि मौसम ने साथ दिया तो 30 अप्रैल तक बदरीनाथ हाईवे को पूरी तरह से बदरीनाथ धाम तक खोल दिया जाएगा।
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कंचनगंगा में हिमखंड को काटने का कार्य भी पुन: शुरू कर लिया गया है। जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने बताया कि जल संस्थान, ऊर्जा निगम, दूरसंचार, खाद्य और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर वे सोमवार को बदरीनाथ धाम में यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
हाईवे का सबसे खतरनाक पैच भी पूरा
लोनिवि के मजदूरों ने भीमतला, छिनका और बिरही में पैच वर्क कर हाईवे पर गड्ढों का भरान लगभग पूर्ण कर लिया है।
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चमोली से पीपलकोटी के बीच हाईवे सुधारीकरण कार्य 80 फीसदी तक हो गया है। लोनिवि के अधीशासी अभियंता रमेश चंद्र पाल का कहना है कि मौसम ने साथ दिया तो 30 अप्रैल तक हाईवे को चाक-चौबंद कर लिया जाएगा।
हाईवे के सबसे खतरनाक पैच बिरही में भी डामरीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।