उत्तराखंड की बहुचर्चित चारधाम यात्रा पर बरसात के बादल परेशानी का सबब बने हुए हैं। शनिवार देर रात हुई बारिश से पिनोला, लामबगड़ और बैनाकुली में बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध हो गया है।
रविवार दोहपर तक तीर्थयात्री हाईवे पर यातायात सुचारु होने का इंतजार करते रहे। बीआरओ के मजदूर और मशीनें हाईवे से मलबा हटाने में जुटी हुई हैं।
वहीं गोविंदघाट से सुबह नौ बजे तक करीब १४० तीर्थयात्री हेमकुंड के लिए रवाना किए गए। उधर, शनिवार की रात हुई बारिश से यमुनोत्री हाईवे पोल गांव के पास भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया है। लेकिन गंगोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू है।
खराब मौसम के बीच चल रही केदारनाथ यात्रा
शनिवार रातभर केदारघाटी में रिमझिम बारिश होती रही। रविवार सुबह 10:30 बजे से घाटी में मौसम हुआ साफ हुआ और चटख धूप खिल गई। सोनप्रयाग से केदारनाथ के बीच हो रही बारिश रविवार की सुबह थम गई, लेकिन घना कोहरा छाया रहा। रविवार को सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए पैदल रास्ते से सुबह 8 बजे तक 123 श्रद्वालुओं ने प्रस्थान किया।
यमुनोत्री-गंगोत्री धाम में छाने लगा सन्नाटा
कांवड यात्रा निपटने के बाद यमुनोत्री-गंगोत्री धाम में सन्नाटा छाने लगा है। व्यवसायी धामों से सामान समेट कर लौटने लगे हैं। इस बार भी इन दोनों धामों में बहुत कम तीर्थयात्री पहुंचे। जून 2013 की आपदा के बाद से यह स्थिति बनी हुई है।