उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में अब तक 16 हजार से अधिक श्रद्धालु विभिन्न धामों के दर्शन कर चुके हैं। जबकि बदरीनाथ धाम के कपाटोद्घाटन के बाद पहले तीन दिन में 10 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे।
हालांकि बीते साल के मुकाबले यात्रियों की संख्या में जबरदस्त गिरावट आई है। ये आंकड़े बता रहे हैं कि श्रद्धालु बदरीधाम जाने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं।
इसका कारण यह माना जा रहा है कि केदारधाम, यमुनोत्री और गंगोत्री की तबाही अभी लोगों को भूली नहीं है।
यात्रियों की संख्या में गिरावट
वर्ष-2013 की चारधाम यात्रा के मुकाबले इस साल की यात्रा के पहले छह दिनों में चारों धामों में दर्शनार्थियों की संख्या में एक लाख 12 हजार 328 की गिरावट आंकी गई है।
संगठन के व्यैक्तिक सहायक एके श्रीवास्तव ने बताया कि हालांकि वर्तमान में कम लोग आए हैं, मगर आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने की उम्मीद है।
विभिन्न धामों के दर्शन किए
चमोली जिला प्रशासन के हवाले से चारधाम यात्रा प्रशासन संगठन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार सात मई तक 16,038 तीर्थयात्रियों ने विभिन्न धामों के दर्शन किए।
इनमें बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के पहले तीन दिनों में 10 हजार 183 श्रद्धालु, सात मई तक 2153 श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम, 1918 ने गंगोत्री और 1784 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री धाम के दर्शन किए।
धीमी यात्रा के लिए सरकारी मशीनरी दोषी
स्थानीय लोग 2014 की यात्रा में श्रद्धालुओं की कम आमद के लिए सीधे तौर पर सरकार की उदासीनता को मानते हैं। उनका कहना है कि मशीनरी ने आपदा के शीघ्र बाद धामों और उनसे जुड़े मार्गों में युद्धस्तर पर व्यवस्थाएं जुटाई होती तो इस बार यात्रा की शुरुआत फीकी नहीं होती।
सरकार धामों और यात्रा मार्गों में जो कार्य अब करा रही है, वह छह माह पहले हो जाने चाहिए थे। अभी तक सूचनाओं के अभाव के कारण देश-दुनिया में लोगों को इस साल यात्रा आरंभ होने की जानकारी नहीं मिल पाई है। लिहाजा बीते साल आपदा से भयभीत लोगों में सही संदेश नहीं जा पा रहा है।
-संजय शास्त्री, उत्तराखंड परिवहन महासंघ के अध्यक्ष
सरकार आपदा के दौरान और उसके बाद लगातार धामों और यात्रा मार्गों में व्यवस्थाएं जुटाने में लापरवाह बनी रही। सरकार को चारों धाम और इससे जुड़ी सड़कों को जल्द दुरुस्त करना चाहिए, साथ ही प्रभावी ढंग से यात्रा के आरंभ का प्रचार करना चाहिए, जिससे आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़े।
-रोटेशन से जुड़े बृजभानु प्रकाश गिरि, मदन कोठारी, नवीन कुमार तिवाड़ी, नवीन रमोला