भीड़ नियंत्रण का अलग प्लान
राजीव स्वरूप ने बताया कि आगामी यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है। इसलिए भीड़ नियंत्रण के लिए अलग से कार्ययोजना बनाई जा रही है। हर जिले में भीड़ नियंत्रण का अलग-अलग प्लान होगा। जिला पुलिस उस पर काम करेगी। पहाड़ों में भीड़ बढ़ने पर बाहर से आने वाले यात्रियों को हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश जैसे स्थानों पर रोका जाएगा। यहां उनके रुकने, खाने आदि की व्यवस्थाएं रहेंगी। उन्होंने बताया कि भीड़ नियंत्रण के लिए एसओपी तैयार की गई है। सभी धामों की क्षमता और लोगों की मौजूदगी के संदर्भ में वैज्ञानिक अध्ययन किए गए हैं। उसी हिसाब से यात्रा का संचालन और रजिस्ट्रेशन किया जाता है। भीड़ ज्यादा बढ़ने पर यात्रा रोकने और डायवर्ट करने की भी योजनाएं बनाई गई हैं।
भूस्खलन क्षेत्रों में तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी
पुलिस विभाग ने चारधाम यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले भूस्खलन क्षेत्रों की सूची तैयार की है। पिछले साल 58 भूस्खलन क्षेत्र चिह्नित किए गए थे। पिछले साल आई आपदा के बाद कुछ नए क्षेत्र भी ऐसे चिह्नित हुए हैं जो अब भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील हैं। इन सभी स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही इन स्थानों जेसीबी तैनात रहेंगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी, एनएच और बीआरओ की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इन विभागों के कर्मचारी भी संवेदनशील स्थानों की लगातार उनकी निगरानी करेंगे।
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काम की बातें
- इस बार प्रमुख स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। जिससे यात्री मोबाइल पर ही स्थान की जानकारी पा सकें।
- ट्रैफिक जाम या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए यात्रियों को मोबाइल पर अलर्ट भेजा जाएगा।
- पर्यटकों के वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य होगा।