यह है प्रकरण
देहरादून। शिक्षा विभाग में कुछ शिक्षक दिव्यांगता के फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी पा गए हैं। शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को नोटिस जारी किए थे। प्रकरण तब सामने आया जब नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई। इस याचिका के आधार पर वर्ष 2022 में राज्य मेडिकल बोर्ड की ओर से कुछ शिक्षकों के दिव्यांगता के प्रमाणपत्रों की जांच की गई और फर्जी पाया गया। इस पर शिक्षा विभाग को इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए, लेकिन मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सूची में इन जिलों के शिक्षकों के हैं नाम
दिव्यांग कोटे से भर्ती 234 शिक्षकों की सूची में पौड़ी, नैनीताल, देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, टिहरी, हरिद्वार सहित सभी जिलों के शिक्षक शामिल हैं।
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न्यायालय आयुक्त दिव्यांगजन ने भी दिए थे कार्रवाई के निर्देश
न्यायालय आयुक्त दिव्यांगजन ने 22 नवंबर 2025 को इस प्रकरण की सुनवाई की जिसमें जनहित याचिका में दाखिल इस तरह के शिक्षकों की सूची शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराते हुए मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
कोर्ट के आदेश के तहत दिव्यांग कोटे से भर्ती शिक्षकों के स्वास्थ्य की जांच की जानी है। एम्स के न्यूरोसर्जन और स्वास्थ्य विभाग के कुछ अन्य चिकित्सकों की टीम यह जांच करेगी। -सुनीता टम्टा, स्वास्थ्य महानिदेशक