उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संबंधित जानकारी देने से डॉक्टरों की टीम को यह पता रहेगा कि श्रद्धालु को पहले से किस तरह की स्वास्थ्य दिक्कतें हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पैदल यात्रा करने से पहले स्क्रीनिंग प्वांइट पर 50 वर्ष से अधिक सभी श्रद्धालुओं की जांच की जाएगी। इसके बाद ही श्रद्धालुओं को आगे की यात्रा करने की सलाह दी जाएगी। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु की मौत न हो। इसके लिए यात्रा मार्गों के साथ धामों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की जा रही है।