मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग इस रोग के संक्रमण को रोकने के लिए अपने जिले में क्वारंटीन केन्द्रों की स्थापना करेंगे। साथ ही उपचार के लिए समस्त आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।
विभागीय मंत्री ने कहा, निर्देश के पालन में किसी तरह की शिथिलता न बरती जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सचिव पशुपालन डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम, निदेशक पशुपालन नीरज सिंघल आदि मौजूद रहे।