शनिवार को हुए थे गंगोत्री धाम के कपाट बंद
चारधामों में प्रमुख गंगोत्री धाम के कपाट शनिवार को अन्नकूट पर्व पर दोपहर 12:14 बजे अभिजीत मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बंद कर दिए गए थे। इस अवसर पर देश-विदेश से सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां गंगा की उत्सव डोली के निर्वाण दर्शन किए।
सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा सरकार की प्राथमिकता : धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। सरकार केदारनाथ धाम को दिव्य एवं भव्य बनाने के लिए समर्पित है। श्रद्धालुओं की सुविधाजनक यात्रा और क्षेत्र की आर्थिकी को बढ़ावा देने के लिए हम निरंतर कार्य करते रहेंगे। राज्य में जिस तेजी के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए हमने यात्रा व्यवस्थाओं को और विस्तार देने के लिए काम शुरू कर दिया है। इस बार केदारघाटी आपदा के चलते व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं, लेकिन सरकार ने इस कठिन चुनौती का भी दृढ़तापूर्वक सामना कर केदार यात्रा को बहाल किया।
तीर्थ पुरोहितों ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
केदारनाथ के तीर्थ पुरोहित समाज और स्थानीय व्यापारियों ने सफल व सुगम यात्रा संचालन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया है। केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशानिर्देश व विशेष प्रयासों से इस वर्ष यात्रा बेहद सफलतापूर्वक संचालित हुई है। चारधाम यात्रा को भव्य एवं दिव्य बनाने के लिए धामी सरकार के प्रयास बेहद सराहनीय हैं। मानसून सीजन में भारी अतिवृष्टि के चलते केदारनाथ धाम के पैदल एवं सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे। जिसके चलते यात्रा प्रभावित रही। सीएम ने स्वयं यात्रा मार्ग का जायजा लेकर विशेष टीम की तैनाती कर रिकॉर्ड समय में यात्रा को दोबारा शुरू कराया। तीर्थ पुरोहित विनोद शुक्ला ने सफल यात्रा संचालन पर राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन आभार जताया। यात्रा के दूसरे चरण में मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को निशुल्क हेली सेवाओं से केदारनाथ धाम पहुंचाया और आपदा से प्रभावित परिवारों को 10 करोड़ से अधिक का मुआवजा वितरित किया।