तय है पंजीकरण सीमा
प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन पंजीकरण के लिए केदारनाथ धाम में 18 हजार, बदरीनाथ में 20 हजार, गंगोत्री में 11 हजार और यमुनोत्री धाम में नौ हजार श्रद्धालुओं की सीमा तय की है। लेकिन धामों में इससे काफी अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
केदारनाथ और बदरीनाथ में चल रहा काम
आने वाले समय में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने के लिए केदारनाथ धाम में दूसरे चरण के पुनर्निर्माण कार्य हो रहे हैं। वहीं, बदरीनाथ धाम को आध्यात्मिक पर्वतीय शहर के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान का काम चल रहा है। ऐसे में दोनों धामों में ठहरने की सीमित व्यवस्था है। तीर्थयात्री ठहरने की व्यवस्था होने के बाद ही यात्रा करें।
चारधाम यात्रा को लेकर देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्री जल्दबाजी न करें। चारधाम यात्रा नवंबर माह तक चलेगी। पंजीकरण की उपलब्धता के अनुसार यात्रा पर आएं, जिससे सुगमता से दर्शन हो सके। तीर्थ यात्रियों को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थापित धामों में सीमित संसाधन के साथ मौसम की चुनौतियां भी हैं। क्षमता से अधिक तीर्थ यात्री पहुंचने पर परेशानी उठानी पड़ सकती है।
- अजेंद्र अजय, अध्यक्ष, श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति