दशहरा को तय होगी बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि
बदरीनाथ धाम में प्रतिदिन 10 हजार से अधिक तीर्थयात्री दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। 24 अक्तूबर को विजयादशमी के दिन बदरीनाथ के कपाट बंद होने की तिथि तय होगी। धाम में पिछले एक वर्ष से मास्टर प्लान का काम चल रहा है। बदरीनाथ बाजार में भी वाहनों की आवाजाही बाईपास मार्ग से कराई जा रही, जिससे तीर्थयात्री दुश्वारियों का सामना कर बदरीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। आपदा में बदरीनाथ एनएच कई जगहों पर खस्ता हालत में है। पागलनाला से मारवाड़ी (27 किमी) तक सड़क बेहद खराब है।
भीड़ के चलते केदारनाथ में गर्भगृह में दर्शन पर लगानी पड़ रही रोक
केदारनाथ धाम के कपाट 15 नवंबर को भैया दूज के दिन बंद करने की परंपरा है। अभी केदारनाथ यात्रा के लिए 40 दिन शेष रह गए हैं। बाबा केदार के द्वार पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, जिससे मंदिर समिति को गर्भगृह में दर्शन पर रोक लगानी पड़ रही है। साथ ही सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक जाम लग रहा है।
यात्रियों की भीड़ से लग रहा जाम
तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ने से गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे के प्रमुख पड़ावों पर ट्रैफिक जाम लग रहा है। प्रमुख पड़ाव उत्तरकाशी के ज्ञानसू और भटवाड़ी रोड़ और बड़कोट के सरूखेत, पुरानी तहसील व डायट के गेट के पास एवं रानाचट्टी और फूलचट्टी के बीच में हर दिन जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
चारधामों में अब तक दर्शन कर चुके श्रद्धालु
धाम तीर्थयात्रियों की संख्या
केदारनाथ 15,31,946
बदरीनाथ 14,57, 755
गंगोत्री 81,6362
यमुनोत्री 6,73,462
हेमकुंड साहिब 1,69,467
नोट-पर्यटन विभाग की ओर से जारी आंकड़े 5 अक्तूबर तक के हैं।
देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही, जिससे हर साल चारधाम यात्रा नया रिकॉर्ड बना रही है। इस बार भी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की आंकड़ा 50 लाख पार होने की उम्मीद है।
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री