केदारनाथ में मास्टर प्लान के तहत होने वाले निर्माण कार्यों के लिए 80 से अधिक सरकारी व गैर सरकारी भवन अधिगृहित किए जाएंगे। इसके लिए राजस्व विभाग की टीम ने केदारपुरी में भूमि का सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया है। जल्द ही प्रशासन द्वारा संबंधित भवन व भूस्वामियों के साथ बैठक की जाएगी।
केदारनाथ को मास्टर प्लान के तहत बसाया जाना है। इसके लिए आर्केटेक्ट द्वारा पूर्व में डिजायन भी तैयार किए जा चुके हैं। डिजायन के हिसाब से 52 फीट चौड़े मंदिर मार्ग के दोनों तरफ तीर्थ पुरोहितों के भवनों का निर्माण पहाड़ी शैली से किया जाना है। पहले चरण में 43 भवन बनाए जाने हैं, जिसमें एक ब्लॉक का कार्य लगभग पूरा होने वाला है। साथ ही सरस्वती नदी किनारे मंदिर रावल निवास, पुजारी निवास व कर्मचारियों के आवास बनाए जाने हैं।
इसके अलावा दो सौ से अधिक यात्रियों के रात्रि प्रवास के लिए धर्मशाला बनाई जानी है। केदारनाथ में पुलिस विभाग का भी भवन बनना है, जिसमें पुलिस चौकी, एसपी कार्यालय, चौकी प्रभारी कार्यालय होंगे। यहीं नहीं, यात्राकाल में धाम में ड्यूटी देने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए आवासीय व्यवस्था के तहत भवन निर्माण होना है। इन निर्माण कार्यों के लिए पहले चरण में 80 से अधिक सरकारी/गैर सरकारी भवनों का अधिग्रहण होना है। राजस्व विभाग द्वारा सर्वेक्षण कार्य पूरा कर दिया गया है। बाद में जरूरी औपचारिकता पूरी करने के बाद मास्टर प्लान के कार्य शुरू होंगे।
केदारनाथ में मास्टर प्लान के तहत होने वाले कार्य अभी प्रस्तावित हैं। धाम में भवन स्वामियों की सहमति के आधार पर ही भवनों के अधिग्रहण किया जाएगा। कुछ लोगों के द्वारा इस संबंध में भ्रम फैलाया जा रहा है, जो सरासर निराधार है। मैंने स्वयं केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला से इस बारे में बातचीत की है।
- वंदना सिंह, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग