प्रदेश सरकार की निगाह राजदरबार पर भी है। डिमरी धार्मिक पंचायत कह ही चुकी है कि टिहरी राजदरबार से अनुमति लेकर अविवाहित डिमरी को मुख्य अर्चक का अधिकार दिया जा सकता है। केदारनाथ में भी इसी तरह से व्यवस्था की जा सकती है।
लोग सहयोग करें, सोशल डिस्टेंस जरूरी
चारधाम यात्रा प्रदेश की रीढ़ है। इस यात्रा की शुरुआत ही कपाट खुलने से होती है। लोगों को सोशल डिस्टेंस के नियमों का पालन भी करना होगा और पंरपराओं को भी निभाना होगा। इसके लिए लोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। सरकार हर हाल में पंरपरा का पालन करते हुए कपाट खुलवाने की कोशिश कर रही है।
- सतपाल महाराज, पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व प्रशासन की टीम ने शुक्रवार को धाम में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस वर्ष लगातार हो रही बर्फबारी से धाम में भारी नुकसान हुआ है। कई दुकानें अभी भी बर्फ से ढकी हैं और पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त पड़ी है। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने को अब मात्र बारह दिनों का समय शेष रह गया है, जिससे प्रशासन के सामने यात्रा शुरू होने से पूर्व धाम में बिजली, पानी और संचार सेवा सुचारु करने की चुनौती है।
शुक्रवार को जोशीमठ के उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने बदरीनाथ धाम का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि मंदिर परिसर के समीप कर्मचारी बर्फ हटाने के काम में जुटे हैं। यहां आस्था पथ पर बर्फ जमी है। पेयजल लाइनों क्षतिग्रस्त हैं तो बिजली लाइन भी सुचारु नहीं है। एसडीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों को यात्रा से पूर्व धाम में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बार लॉकडाउन के कारण सिर्फ बदरीनाथ की पूजा से जुड़े लोगों को ही बदरीनाथ कपाट खुलने पर अनुमति दी गई है। तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले सभी यात्रा व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएंगी।