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चारधाम यात्रा 2020: प्रभावित होगा 12 हजार करोड़ रुपये का कारोबार, 90 प्रतिशत बुकिंग रद्द

Mon, 06 Apr 2020 11:41 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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चार धाम - फोटो : फाइल फोटो
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कोरोना संक्रमण के चलते उत्तराखंड की 12 हजार करोड़ से अधिक के कारोबार वाली चारधाम यात्रा के प्रभावित होने के आसार बन गए हैं। यात्रा के शुरू होने या न होने को लेकर बने संशय के बीच अधिकतर बुकिंग रद्द की जा चुकी हैं, हालांकि अभी यात्रा को लेकर प्रदेश सरकार के स्तर पर कोई फैसला नहीं हुआ है। प्रदेश में चारधाम यात्रा का पीक सीजन मई और जून ही है।

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इसके बाद मानसून के कारण यात्रा प्रभावित होती है। कई बार तो स्थिति यह भी आती है कि प्रदेश सरकार को यात्रियों से अपील करनी पड़ी कि वे मानसून के दौरान उत्तराखंड की ओर रुख न करें। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते सरकार अभी यह तय नहीं कर पाई है कि चारधाम यात्रा को लेकर क्या रुख अपनाया जाए। यह आने वाले दिनों और लॉक डाउन की स्थिति पर निर्भर करेगा।

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40 दिन की विंडो, पीक सीजन मई जून

चारधाम यात्रा का जोर मई और जून में ही रहता है। पिछली बार यात्रा में करीब 37 लाख लोगों ने दर्शन किए। इसमें से दस लाख से अधिक लोग केदारनाथ पहुंचे थे। मई माह में ही प्रदेश सरकार यह तय भी कर पाएगी कि यात्रा शुरू की जाए या नहीं। अगर यात्रा होती है, तो यही 40 दिन का कारोबार होगा।

90 प्रतिशत बुकिंग रद्द
होटल, ट्रैवल एजेंट आदि का साफ कहना है कि बुकिंग अब दस प्रतिशत भी नहीं रह गई है। ऐसे में चारधाम यात्रा अगर शुरू भी होती है तो शुरूआत के दौर में यात्रा पर अधिक जोर नहीं होगा। इसके बार मानसून के कारण यात्रा वैसे ही प्रभावित हो जाती है। ऐसे में किसी भी सूरत में इस बार यात्रा का प्रभावित होना भी तय है।

शीतकाल में जारी रखी जाए यात्रा
चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगांई के मुताबिक इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि चारधाम यात्रा को शीतकाल में जारी रखा जा सकता है या नहीं। यात्री अगर चाहें तो शीतकालीन प्रवास स्थलों में दर्शन कर सकते हैं।
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