चारधाम यात्रा का जोर मई और जून में ही रहता है। पिछली बार यात्रा में करीब 37 लाख लोगों ने दर्शन किए। इसमें से दस लाख से अधिक लोग केदारनाथ पहुंचे थे। मई माह में ही प्रदेश सरकार यह तय भी कर पाएगी कि यात्रा शुरू की जाए या नहीं। अगर यात्रा होती है, तो यही 40 दिन का कारोबार होगा।
90 प्रतिशत बुकिंग रद्द
होटल, ट्रैवल एजेंट आदि का साफ कहना है कि बुकिंग अब दस प्रतिशत भी नहीं रह गई है। ऐसे में चारधाम यात्रा अगर शुरू भी होती है तो शुरूआत के दौर में यात्रा पर अधिक जोर नहीं होगा। इसके बार मानसून के कारण यात्रा वैसे ही प्रभावित हो जाती है। ऐसे में किसी भी सूरत में इस बार यात्रा का प्रभावित होना भी तय है।
शीतकाल में जारी रखी जाए यात्रा
चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगांई के मुताबिक इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि चारधाम यात्रा को शीतकाल में जारी रखा जा सकता है या नहीं। यात्री अगर चाहें तो शीतकालीन प्रवास स्थलों में दर्शन कर सकते हैं।