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चारधाम यात्रा 2019: बदरी-केदार धाम में चंदन का संकट दूर, तमिलनाडू दो क्विंटल चंदन देने को तैयार

Mon, 06 May 2019 02:14 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
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फाइल फोटो
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बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में इस बार चंदन का संकट दूर हो गया है। प्रदेश सरकार के अनुरोध पर तमिलनाडू दो क्विंटल चंदन देने को तैयार हो गया है। इससे आने वाले दो सालों तक बदरी केदार थाम में चंदन की समस्या नहीं रहेगी। वर्ष 2010 से तमिलनाडू व कर्नाटक राज्य से पर्याप्त मात्रा में चंदन न मिलने के कारण बदरी केदार मंदिर समिति ने सरकार के समक्ष मामला उठाया था। 

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प्रदेश में सात मई से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। नौ मई को बाबा केदारनाथ और 10 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो जाएगा। बदरीनाथ और केदारनाथ समेत अधीनस्थ मंदिरों की व्यवस्था बदरी केदार मंदिर समिति के अधीन है। लेकिन मंदिर समिति के सामने सबसे बड़ी समस्या चंदन की थी। वर्ष 2010 से मंदिर समिति को तमिलनाडू व कर्नाटक से पर्याप्त मात्रा में चंदन नहीं मिल रहा था। जिससे मंदिर समिति को किसी तरह से काम चलना पड़ रहा था।

मंदिर समिति के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुलाकात कर चंदन की समस्या को उठाया। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने तमिलनाडू सरकार से चंदन उपलब्ध कराने के संबंध में बात की। इस पर तमिलनाडू मंदिर समिति को दो क्विंटल चंदन देने को तैयार हो गया है। समिति ने चंदन लाने के लिए एक कर्मचारी को भी तमिलनाडू भेज दिया है। वहीं, मंदिर समिति ने 80 किलो चंदन व्यवस्था अन्य दानी सज्जनों से की है। 
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हर साल चढ़ता है सवा क्विंटल चंदन 
बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के अलावा पंच केदार, पंच बदरी व अन्य अधीनस्थ मंदिरों में हर साल सवा क्विंटल चंदन चढ़ता है। मंदिर समिति के माध्यम से बदरी-केदार व अन्य मंदिरों में चंदन की व्यवस्था की जाती है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में हर रोज सुबह के समय भगवान के स्नान के बाद चंदन का लेप लगता है। अगले दिन पुराने चंदन को उतार कर उसे श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। 

मंदिर समिति को वर्ष 2010 से पर्याप्त मात्रा में चंदन नहीं मिल रहा था। जिससे बदरी केदार समेत समिति के अधीन आने वाले मंदिरों में चंदन की बड़ी समस्या आ रही थी। मैंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मुख्यमंत्री के प्रयासों से तमिलनाडू से दो क्विंटल चंदन मिल रहा है। इससे आने वाले दो सालों तक चंदन की कमी नहीं रहेगी।
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- मोहन प्रसाद थपलियाल, अध्यक्ष, बदरी केदार मंदिर समिति

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