रुक-रुक कर हो रही बरसात ने बदरीनाथ हाईवे को और भी ज्यादा खतरनाक बना दिया। शुक्रवार दोपहर लगभग 12:30 बजे हाईवे पर खड़े वाहनों पर पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे।
मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे फिर से बंद हो गया, जिससे हाईवे खुलने के इंतजार में गाड़ियों की कतार लग गई थी। उसी समय ऊपर पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे। जब यह हादसा हुआ तो वाहन में कोई नहीं था। हादसे में एक वाहन क्षतिग्रस्त हुआ है। यह घटना सिरोहबगड़ में हुआ।
भारी बारिश की चेतावनी जारी
मौसम विभाग ने 19 जुलाई को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उधमसिंहनगर, बागेश्वर, नैनीताल, अल्मोड़ा में 30-75 मिमी तक की भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
आपदा प्रबंधन सचिव भास्करानंद ने बताया कि मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए शासन ने 19 को भी चारधाम यात्रा स्थगित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके पहले केदारनाथ यात्रा 18 तक स्थगित थी। बदरीधाम जाने वाले करीब 400 तीर्थयात्रियों को जोशीमठ में ही रोक दिया गया। उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने बृहस्पतिवार देर शाम 18-19 जुलाई को गंगोत्री-यमुनोत्री की यात्रा पर रोक का आदेश जारी कर दिया।
इससे पहले केंद्रीय कैबिनेट सचिव अजीत सेठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उत्तराखंड की स्थिति का जायजा लिया। बृहस्पतिवार को भी केदारनाथ और बदरीनाथ की यात्रा पूरी तरह थमी रही।
बुधवार रात की भारी बारिश के बाद लामबगड़ में बंद बदरीनाथ हाईवे बृहस्पतिवार को शाम पांच बजे 19 घंटे के बाद खुल गया था। इसके बाद बदरीनाथ धाम में बुधवार से रुके 153 तीर्थयात्री गंतव्य के लिए रवाना हुए थे।