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चारधाम देवस्थानम बोर्ड: उच्चस्तरीय समिति ने सीएम को सौंपी 89 पेजों की रिपोर्ट, अध्ययन के बाद निर्णय लेगी सरकार

Sun, 28 Nov 2021 09:33 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश

सार

Chardham Devasthanam Board:  28 नवंबर 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गढ़वाल मंडल के 51 मंदिरों को श्राइन बोर्ड की तर्ज पर देवस्थानम बोर्ड के अधीन कर दिया था।
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सीएम को रिपोर्ट सौंपते कमेटी के सदस्य - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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देवस्थानम बोर्ड को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से पूर्व राज्य सभा सांसद मनोहरकांत ध्यानी की अध्यक्षता में बनाई गई उच्चस्तरीय समिति ने ऋषिकेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को 89 पेजों की रिपोर्ट बनाकर सौंप दी है। अब प्रदेश सरकार रिपोर्ट का अध्ययन कर बोर्ड को लेकर कुछ फैसला लेगी।

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28 नवंबर 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गढ़वाल मंडल के 51 मंदिरों को श्राइन बोर्ड की तर्ज पर देवस्थानम बोर्ड के अधीन कर दिया था। इस प्रस्ताव को कैबिनेट में भी पास कर दिया गया था। जिन मंदिरों को देवस्थानम बोर्ड के अधीन किया गया था, उनके पुुजारियों और हक हकूकधारियों का आरोप था कि उनके मंदिरों को बोर्ड के अधीन करने से उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया। पुजारी और हक हकूकधारी लगातार देवस्थानम बोर्ड का विरोध कर रहे हैं।

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अगस्त में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर एक उच्च स्तरीय समिति बनाई थी। इसका अध्यक्ष पूर्व राज्य सभा सांसद मनोहरकांत ध्यानी को बनाया था। समिति की ओर से पंडा, पुरोहितों और हक हकूकधारियों से देवस्थानम बोर्ड को लेकर रिपोर्ट बनाई गई है। रविवार को ऋषिकेश के एक होटल में समिति के अध्यक्ष की ओर से यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी गई। 

देवस्थानम बोर्ड को लेकर बनाई गई उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष पूर्व सांसद मनोहर कांत ध्यानी की ओर 89 पेजों की रिपोर्ट बनाकर दी गई है। रिपोर्ट का अध्ययन करने बाद ही बोर्ड को लेकर कुछ निर्णय लिया जाएगा।
- पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड

तीर्थ पुरोहितों, हक हकूकधारियों से बातचीत के आधार पर देवस्थानम बोर्ड को लेकर विस्तृत रिपोर्ट बनाकर मुख्यमंत्री को सौंपी गई है। प्रदेश सरकार की ओर से रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही कोई फैसला लेना है। 
- मनोहर कांत ध्यानी, अध्यक्ष देवस्थानम बोर्ड उच्च स्तरीय समिति

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देवस्थानम बोर्ड भंग नहीं हुआ तो जनांदोलन करेंगे तीर्थपुरोहित

देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग को लेकर तीर्थपुरोहितों ने हुंकार भर दी है। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर तक सरकार बोर्ड को भंग नहीं करती है तो जनांदोलन किया जाएगा। इसके तहत केदारघाटी से जिला मुख्यालय तक धरना, प्रदर्शन और चक्काजाम किया जाएगा। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।

चारधाम तीर्थपुरोहित महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल के नेतृत्व में गुप्तकाशी बाजार में देवस्थानम बोर्ड के विरोध में तीर्थपुरोहितों ने प्रदर्शन करते हुए एकजुट होकर आंदोलन को तेज करने का संकल्प लिया। जिपं सदस्य गणेश तिवारी ने कहा कि अब आंदोलन में सभी क्षेत्रीय जनप्रतिधि पूरी सक्रियता के साथ शामिल हो गए हैं।

देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। केदारसभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला व महामंत्री कुबेरनाथ पोस्ती ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड के गठन से पहले आंदोलन चल रहा है। बावजूद इसके सरकार सुध नहीं ले रही है।

दो वर्ष से केदारनाथ सहित चारधाम में बोर्ड का विरोध हो रहा है। सरकार उचित कार्रवाई का आश्वासन तो दे रही है लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 30 नवंबर तक कार्रवाई का भरोसा दिया था। तिथि नजदीक आ रही है लेकिन अब बोर्ड भंग नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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