आजादी के 72 साल बाद भी हाजा गांव का चराणी खेड़ा बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए करीब पांच किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ती है। इसके साथ ही पानी के लिए भी करीब डेढ़ किमी दूर स्थित प्राकृतिक खड्ड की दौड़ लगानी पड़ती है। इस खेड़े में करीब 200 की आबादी निवास करती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वह इन छानियों में साल के 12 महीने रहते हैं। बावजूद उनके खेड़े तक सुविधाओं को नहीं पहुंचाया जा रहा है। किशन सिंह नौटियाल, शूरवीर सिंह नौटियाल, आनंद सिंह नौटियाल, सुंदराम नौटियाल, सुनील सिंह आदि का कहना है कि लाइट की सुविधा न होने के कारण क्षेत्रीय लोगों को फोन चार्ज करने के लिए दूसरे गांव गांव जाना पड़ता है। सड़क सुविधा न होने के कारण उन्हें फसलों को मंडी तक पहुंचाने में परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इसके साथ ही गर्मियों से प्राकृतिक जलस्रोत में भी पानी का स्तर घट जाता है। जिस कारण पेयजल की व्यवस्था करने में भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरोप लगाया कि कई बार की मांग के बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। वहीं मामले में क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह का कहना है कि खेड़े को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने की योजना बहुत पहले प्रस्तावित की जा चुकी है लेकिन, राज्य में भाजपा की सरकार होने के कारण कई योजनाऐं स्वीकृत होने के बाद भी आगे परवान नहीं चढ पा रही है।