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चार धाम यात्रा मार्ग सुरक्षित हैं, चले आइए

Sun, 04 May 2014 04:19 PM IST
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
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केदारनाथ धाम में 12 मई से हेलीकाप्टर उड़ान भरना शुरू कर देंगे। फिलहाल केंद्र सरकार के उपक्रम पवन हंस हेलीकाप्टर्स लिमिटेड के हेलीकाप्टर ही केदारधाम में नजर आएंगे।
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मौसम अनुकूल रहने पर पवन हंस दून से चारों धामों के लिए उड़ान शुरू करने की कोशिश कर रहा है।

गत वर्ष आई आपदा के बाद इस बार डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) और उत्तराखंड शासन ने चार धाम के लिए सीमित हेलीकाप्टर कंपनियों को ही अनुमति देने का मन बनाया है।

पवन हंस ने फाटा से केदारनाथ के लिए शनिवार से आनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। पहले ही दिन केदारनाथ के लिए 26 यात्रियों की बुकिंग मिल चुकी है।

कंपनी के प्रवक्ता एमएस बोरा ने दिल्ली से फोन पर बताया कि 12 मई को ही देहरादून से भी केदारनाथ के लिए हेलीकाप्टर सेवा शुरू कर दी जाएगी।

इसके लिए आनलाइन बुकिंग कुछ दिन बाद शुरू कर दी जाएगी। हर रोज दून से पांच फ्लाइट जाएंगी। उन्होंने बताया कि डीजीसीए और उत्तराखंड शासन से भी इस बारे में पहले ही वार्ता हो चुकी है।
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आनलाइन बुकिंग पवन हंस की अधिकृत वेबसाइट www.pawanhans.co.in पर की जा सकती है।

यह है किराया

प्रति यात्री
फाटा-केदारनाथ-फाटा: 7200 रुपए
देहरादून-फाटा: 8535 रुपए

चार्टर्ड
देहरादून-फाटा-केदारनाथ-देहरादून: 1.80 लाख रुपए
देहरादून-फाटा-केदारनाथ-बदरीनाथ-देहरादून: 3.10 लाख रुपए
देहरादून-बदरीनाथ-देहरादून: 2.50 लाख रुपए
चार धाम: 5.10 लाख रुपए
(चार्टर्ड में एक बार में पांच यात्रियों की बुकिंग होती है)

श्रद्धालुओं को यात्रा पर आने का न्यौता

केदारनाथ तक व्यवस्था का जायजा लेकर लौटे अफसरों ने दावे के साथ श्रद्धालुओं को यात्रा पर आने का न्यौता दिया है।

अफसरों के अनुसार पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध हैं। उन्होंने कहा कि भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील सभी स्थानों पर एसडीआरएफ और पुलिस तैनात है।

गढ़वाल क्षेत्र के डीआईजी अमित सिन्हा और एसडीआरएफ के डीआईजी संजय गुंज्याल शनिवार दुपहर को सोनप्रयाग से लौटकर मीडिया से मुखातिब हुए।

उन्होंने बताया कि आपदाग्रस्त केदारनाथ में सरस्वती नदी के ऊपर और भीमबली के निकट मंदाकनी नदी पर लिनचौरी मार्ग पर पुल बना दिया गया है।

लिनचौरी और केदारनाथ बेस कैंप में टैंटों और फैबरीकेटिड हट बनाकर लगभग एक हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। गढ़वाल मंडल विकास निगम ने यात्रियों केखाने की मुफ्त व्यवस्था की है।

प्रति दस किलोमीटर पर वायरलेस सेट युक्त पुलिसकर्मी तैनात हैं। केदारघाटी के मौसम की जानकारी यात्रियों को संचार उपकरणों के जरिये लगातार दी जाएगी।

डीआईजी संजय गुंज्याल ने दावा किया कि केदारनाथ धाम पर बिजली और पानी व्यवस्था पूरी तरह बहाल हो गई। शुक्रवार रात को धाम की बिजली जल गई। बर्फ काटकर केदारनाथ मंदिर का रास्ता बना लिया गया है।

600 लोगों ने कराया पंजीकरण

डीआईजी संजय गुंज्याल ने दावा किया कि सोनप्रयाग में अब तक 600 के करीब लोगों ने अपना पंजीकरण करा लिया है।

धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है। यात्रियों के आने से दुकानदारों ने अपनी दुकाने खोलनी शुरू कर दी है। सोनप्रयाग के अलावा ऋषिकेश और हरिद्वार में यात्रियों का पंजीकरण किया जा रहा है।

पुलिस ने जारी की दिग्दर्शिका
चार धाम यात्रा को लेकर पुलिस ने दिग्दर्शिका जारी कर दी है। इसमें यात्रा का मानचित्र मार्ग, अधिकारियों, थाने, पुलिस चौकियों के टेलीफोन भी दर्ज हैं। हेल्प लाइन, पुलिस कंट्रोल, फायर सर्विस के नंबरों का भी उल्लेख किया गया है।
 
वीआईपी को नहीं अनुमति
वीआईपी लोगों को अब केदारनाथ यात्रा पर आने की अनुमति नहीं दी गई है। लिनचौली में दो हेलीपैड और केदारनाथ में बडे़ हेलीपैड का निर्माण किया जा चुका है।

केदारनाथ धाम के लिए 1073 ने कराया रजिस्ट्रेशन

गत वर्ष आई आपदा के खौफ के चलते इस बार अब तक चार धाम यात्रा पर अपेक्षित यात्रियों की तादाद न आने के बाद पूरी सरकारी मशीनरी व्यवस्था बनाने में उतर गई है।'

पर्यटन विभाग के अलावा गढ़वाल मंडल विकास निगम, ऊर्जा निगम और अन्य विभागों के कर्मचारी विभिन्न स्थानों पर तैनात कर दिए गए हैं। सबका जोर है कि अधिक से अधिक यात्री जुटाए जा सकें।

उधर, शुक्रवार देर शाम तक केदारनाथ धाम के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले यात्रियों की संख्या 1073 हो गई थी। सरकारी कर्मचारी केदारनाथ, सोनप्रयाग और गुप्तकाशी से लेकर दून तक सक्रिय हैं।
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यात्रियों को निशुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था

जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक डॉ. आर. राजेश कुमार, पर्यटन परिषद के संयुक्त निदेशक एके द्विवेदी केदारनाथ में यात्रा तैयारी में जुटे हैं। ऊर्जा निगम की टीम भी केदारनाथ में मौजूद है।

जीएमवीएन के सहायक महाप्रबंधक (पर्यटन) सतीश खंडूड़ी गौचर में हैं। उन्हें खाने के पैकेट हेलीकाप्टर से केदारनाथ मार्ग पर भेजने का जिम्मा दिया गया है।

जीएमवीएन ने गौरीकुंड से केदारनाथ तक अब तक 50 अस्थायी टेंट बना लिए हैं। जीएमवीएन ने यात्रियों को निशुल्क ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था की है।

यात्रा शुरू, कंट्रोल रूम में परेशानी
यात्रियों की सुविधा के लिए नींबूवाला स्थित पर्यटन परिषद में बनाए गए कंट्रोल रूम का टोल फ्री नंबर यात्रियों को परेशान कर रहा है।

शनिवार को कई निजी मोबाइल कंपनियों से कंट्रोल रूम का टोल फ्री नंबर 0135-1364 नहीं मिल पाया। नोडल अधिकारी एसके गुप्ता ने बताया कि बीएसएनएल को पत्र लिखकर जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा जा रहा है।
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