भगवान आशुतोष के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट रविवार को शुभ लग्नानुसार ग्रीष्म काल के लिए आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल गए हैं।
बाबा केदार अपने भक्तों को छह माह केदारपुरी में दर्शन देंगे। रविवार को मेष लग्न में छह बजकर पांच मिनट पर मंदिर के पृष्ठ द्वार को खोला गया।
रावल ने विशेष पूजा-अर्चना की
इसके बाद रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ मंदिर के पुजारी टी. गंगाधर लिंग व बदरी-केदार मंदिर समिति अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गर्भ गृह में जाकर लिंग की सफाई की।
बता दें कि कपाट बंद होने पर लिंग को समाधि रूप दिया जाता है। गर्भ गृह में रावल ने विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद मंदिर का मुख्य द्वार छह बजकर पंद्रह मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया।
कपाट खुलने पर डेढ़ हजार लोगों ने बाबा के दर्शन किए। कपाट खुलने के मौके पर गढ़वाल आयुक्त सीएस नपच्याल, स्वास्थ्य महानिदेशक जीएस जोशी, जीएमवीएन के एमडी आर. राजेश कुमार, बीकेटीसी सीईओ बीडी सिंह, बीकेटीसी उपाध्यक्ष मधु भट्ट आदि उपस्थित थे।
बदलता रहा मौसम
केदारनाथ धाम में रविवार को मौसम बदलता रहा। सुबह हल्की धुंध लगने के बाद कपाट खुलते समय धूप खिल गई।
थोड़ी देर बाद फिर आसमान में हल्के बादल छा गए। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई।