उत्तरकाशी जिले में शीतकालीन चारधाम यात्रा की योजना प्रचार-प्रसार और ढांचागत सुविधाओं के अभाव में परवान नहीं चढ़ पा रही है। पिछले साल कोरोना महामारी के चलते बाधित रही चारधाम यात्रा के बाद शीतकालीन यात्रा पर फोकस किया जाए, तो वर्तमान समय में हरिद्वार महाकुंभ में पहुंच रहे तीर्थयात्रियों को भी इस यात्रा पर आमंत्रित किया जा सकता है।
यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव जगमोहन उनियाल का कहना है कि शीतकालीन पड़ावों तक सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं जुटाई जाए, तो यात्रा को बढ़ावा मिल सकता है। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल का कहना है कि मुखबा में बर्फबारी के बावजूद समिति व्यक्तिगत प्रयासों से पूरी व्यवस्था बनाए रखती है। सरकार भी धार्मिक भावना को मध्यनजर रखकर प्रयास करे, तो योजना को धरातल पर उतारा जा सकता है।
पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देने पर कार्य किया जा रहा है। इसके लिए आयुष विभाग से भी सुझाव मांगे गए हैं। महाकुंभ से तीर्थयात्री पहुंचे, इसके लिए प्रस्ताव भेजेंगे। जिलास्तर पर स्टॉल लगाकर भी प्रचार-प्रसार शुरू किया जाएगा।