हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर बड़े गद्दे के आकार का होता है, जिसके एक कोने पर एक बड़ा वॉल्ब लगा होता है। इसमें समुद्रतल के वायुदाब के सापेक्ष इस पर पंप से सामान्य हवा भरी जाती है। इसके बाद पीड़ित मरीज को वॉल्ब के अंदर लिटा दिया जाता है, जिससे उसका रक्तचाप, धड़कने व अन्य फेफड़ों में रक्त का प्रवाह सामान्य होने लगता है।
केदारनाथ पहुंचने वाले यात्रियों में सांस लेने में दिक्कत, उच्च रक्तचाप व सीने में दर्द की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए इस बार एक साथ हाइपरबारिक ऑक्सीजन चैंबर स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए निदेशालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा, जिसकी जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। साथ ही पैदल मार्ग से धाम तक संचालित एमआरपी में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया की जाएंगी।
- डा. बीके शुक्ला, मुख्य चिकित्साधिकारी रुद्रप्रयाग