केदारनाथ में निर्माण कार्य
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बीते वर्ष यात्रा के इतने दिनों में एक लाख 20 हजार श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके थे। कोरोना से बचाव के लिए जारी लॉकडाउन के कारण यात्रा का संचालन ठप होने से केदारनाथ में सन्नाटा पसरा हुआ है।
कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए देश में बीते 25 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है, जिस कारण इस वर्ष चारधाम यात्रा व्यापक रूप से प्रभावित हुई है। गंगोत्री, यमुनोत्री व केदारनाथ धाम में कपाट खुलने बाद से सिर्फ धार्मिक परंपराओं का निर्वहन हो रहा है। यहां, पुजारी व मंदिर से जुड़े सीमित कर्मचारियों के अलावा कोई नहीं है। धामों में आम श्रद्धालुओं के आवागमन पर रोक लगी है, जिस कारण, यहां सन्नाटा पसरा हुआ है।
अब, बाबा के भक्तों को 18 मई से शुरू हो रहे लॉकडाउन-4 को लेकर उम्मीद हैं कि शायद प्रदेश सरकार स्थानीय स्तर पर धाम की यात्रा की अनुमति मिल जाए। केदारनाथ के कपाट 29 अप्रैल को खोले गए थे। लेकिन अभी तक यहां एक भी दर्शनार्थी नहीं पहुंचा है।
कपाटोद्घाटन के बाद से मंदिर में सिर्फ मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग, दो वेदपाठी, सेवाकार व सभालिया ही प्रवेश कर रहे हैं। मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने बताया कि सुबह पांच बजे बाबा केदार को बाल भोग लगाया जा रहा है। दोपहर 12 बजे भोग, सांय 6 बजे पूजा-अर्चना और 7 बजे सांयकालीन आरती हो रही है। धाम में सभी धार्मिक परंरपराओं का निर्वहन हो रहा है। सिर्फ भक्तों का इंतजार है।